futuredताजा खबरें

मोर अब्बड़ भाग हे, मुख्यमंत्री मोर घर आए हे: श्रीमती अमरौतीन साहू

रायपुर, 06 मई 2025/ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इन दिनों सुशासन तिहार के तीसरे चरण में प्रदेशभर का दौरा कर योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन का जायजा ले रहे हैं। इसी सिलसिले में वे बेमेतरा जिले के ग्राम पंचायत सहसपुर पहुंचे, जहां उन्होंने पीएम आवास योजना की लाभार्थी श्रीमती अमरौतीन साहू के घर पहुँचकर खुद को उनका अतिथि बनाया।

मुख्यमंत्री के अचानक आगमन से उत्साहित अमरौतीन साहू ने भावुक होकर कहा, “मोर अब्बड़ भाग हे, मुख्यमंत्री मोर घर आए हे।” परिवार के अन्य सदस्यों ने भी छत्तीसगढ़ी परंपरा के अनुसार आत्मीय स्वागत किया, जिसमें चंदन-टीका, फूलों की माला और आरती शामिल थी। यह दृश्य पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया, क्योंकि यह दिखाता है कि सरकार सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तव में जनता के बीच पहुंच रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा, “हमारी सरकार की प्राथमिकता यह है कि हर जरूरतमंद को समय पर योजनाओं का लाभ मिले और हर गरीब के पक्के मकान का सपना साकार हो।” उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में यह संकल्प लिया गया है कि सभी गरीब परिवारों को गरिमापूर्ण और सुरक्षित जीवन देने के लिए पक्के मकान दिए जाएं।

See also  प्रगति पोर्टल सुशासन और समयबद्ध विकास का सशक्त माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री ने अमरौतीन साहू के परिवारजनों और बच्चों के साथ बड़ी आत्मीयता से बातचीत की। उन्होंने उनके जीवन में आए बदलावों के बारे में जाना और इस खुशी में शामिल होते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी और तेज गति से किया जाए ताकि और अधिक परिवारों तक लाभ पहुँच सके।

श्रीमती अमरौतीन साहू ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत उन्हें पक्का घर मिला है, जिसकी वजह से अब उनका परिवार सुरक्षित महसूस करता है और उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री और सरकार का आभार जताते हुए कहा, “अब हमर परिवार सुरक्षित अउ सम्मानजनक जिनगी जी सकथे।”

मुख्यमंत्री के इस दौरे ने सहसपुर में केवल योजनाओं की समीक्षा ही नहीं की, बल्कि गांव में सकारात्मक ऊर्जा और विश्वास की नई लहर भी जगाई। लोगों को यह भरोसा मिला कि सरकार उनके बीच है, उनकी समस्याओं को सुन रही है और हर गरीब के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए लगातार काम कर रही है।

See also  किस्टाराम क्षेत्र में चार इनामी माओवादी कैडरों का आत्मसमर्पण, बस्तर में भरोसे और विकास की मजबूत होती जमीन