सुरगी में होली मिलन और ‘रंगझाझर’ कवि गोष्ठी, साहित्यिक रंग में रंगा आयोजन
राजनांदगांव, 11 मार्च 2026/ साकेत साहित्य परिषद, सुरगी के बैनर तले वरिष्ठ सदस्य एवं गीतकार नंद किशोर साव ‘नीरव’ के संयोजन में सुरगी में होली मिलन समारोह एवं ‘रंगझाझर’ कवि गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्यकारों, कवियों और काव्यप्रेमियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिससे वातावरण पूरी तरह साहित्यिक और उत्सवी रंग में रंगा नजर आया।
समारोह के मुख्य अतिथि गौतमचंद पारख (समाजसेवी, राजनांदगांव) थे, जबकि अध्यक्षता आत्माराम कोशा अमात्य (जिला समन्वयक, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग) ने की। विशिष्ट अतिथियों में शत्रुघ्न सिंह राजपूत, प्रभात तिवारी (अध्यक्ष, प्रगतिशील लेखक संघ), देवनारायण नंगरिहा, अलख राम यादव, अखिलेश्वर प्रसाद मिश्रा, महेंद्र कुमार बघेल ‘मधु’, वीरेन्द्र कुमार तिवारी ‘वीरू’ और कवयित्री हर्षा देवांगन सहित कई साहित्यकार उपस्थित रहे।
प्रथम सत्र: विचार गोष्ठी
कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदे की पूजा-अर्चना से हुई। पटेल मैडम ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। स्वागत भाषण में ओमप्रकाश साहू ‘अंकुर’ (अध्यक्ष, साकेत साहित्य परिषद) ने सभी साहित्यकारों और काव्यप्रेमियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए परिषद की विकास यात्रा पर संक्षिप्त प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि गौतमचंद पारख ने कहा कि परस्पर सद्भाव, सामाजिक समरसता, सत्य और अहिंसा भारतीय संस्कृति की मूल विशेषताएं हैं। उन्होंने महापुरुषों के आदर्शों का उल्लेख करते हुए समाज में नैतिकता और करुणा के मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने शाकाहार और नशामुक्त जीवनशैली का समर्थन करते हुए कहा कि मनुष्य को अपने आचरण में भी वही मूल्यों को उतारना चाहिए, जिनकी वह बात करता है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में आत्माराम कोशा अमात्य ने कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और यह पर्व समाज में प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश देता है। विशिष्ट अतिथि कुबेर सिंह साहू ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और छत्तीसगढ़ी भाषा-साहित्य को समृद्ध करने के लिए साहित्यकारों का आह्वान किया।
द्वितीय सत्र: रंगझाझर कवि गोष्ठी
द्वितीय सत्र में शत्रुघ्न सिंह राजपूत की अध्यक्षता और परिषद के उपाध्यक्ष पवन यादव ‘पहुना’ के संचालन में रंगझाझर कवि गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें 36 रचनाकारों ने फागुन, बसंत, प्रेम, देशभक्ति और हास्य-व्यंग्य से ओतप्रोत कविताएं और गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम को सरस बना दिया।
काव्य पाठ करने वालों में नंद किशोर साव ‘नीरव’, कैलाश साहू ‘कुंवारा’, राजकुमार चौधरी ‘रौना’, फकीर प्रसाद साहू ‘फक्कड़’, रूपल साहू, गुमान सिंह साहू, आनंद राम सार्वा, सचिन निषाद, अमृत दास साहू, मदन मंडावी, मनीष साहू ‘मन’, अलख राम यादव, हर्षा देवांगन, पवन यादव ‘पहुना’, दिलीप यादव, लखनलाल साहू ‘लहर’, कुलेश्वर दास साहू, ओमप्रकाश साहू ‘अंकुर’, वीरेन्द्र कुमार तिवारी ‘वीरू’, अखिलेश्वर प्रसाद साहू, महेंद्र कुमार बघेल ‘मधु’, प्रभात तिवारी, शत्रुघ्न सिंह राजपूत और आत्माराम कोशा अमात्य सहित अनेक साहित्यकार शामिल रहे।
इस अवसर पर कुंज राम साहू, महावीर साहू, रेखा लाल साहू, डॉ. एस. कुमार साहू, खिलेश्वर साहू और गजानंद साहू सहित अनेक काव्यप्रेमी श्रोताओं की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन पवन यादव ‘पहुना’ ने किया तथा आभार प्रदर्शन संयोजक नंद किशोर साव ‘नीरव’ ने किया।
