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पीपरडांड प्राथमिक शाला में अखबार वाचन की शुरुआत, प्रार्थना सभा बनी जागरूकता की पाठशाला

रायपुर, 11 फरवरी 2026।  छात्र जीवन में यदि प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ने की आदत विकसित हो जाए तो वह केवल जानकारी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि सोचने और समझने का दृष्टिकोण भी बदल देती है। इसी सोच के साथ सरगुजा जिले के प्रेमनगर विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड में एक सराहनीय पहल की गई है, जहां विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या में अखबार वाचन को शामिल किया गया है।

प्रेमनगर विकासखंड के इस विद्यालय में शुरू की गई यह पहल शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर उसे जीवन और समाज से जोड़ने का प्रयास है। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि परीक्षा-केंद्रित शिक्षा से आगे बढ़कर ज्ञान-केंद्रित शिक्षा की दिशा में यह एक सार्थक कदम है।

प्रार्थना सभा में अब समसामयिक चर्चा

नई व्यवस्था के तहत विद्यालय की प्रार्थना सभा अब केवल अनुशासनात्मक गतिविधि नहीं रहेगी। इसे जागरूकता की पाठशाला के रूप में विकसित किया गया है। छात्र-छात्राएं प्रतिदिन समाचार पत्र की प्रमुख सुर्खियां पढ़ते हैं और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी साझा करते हैं।

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इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने के साथ-साथ उन्हें सोचने, तर्क करने और प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करना है। सहायक शिक्षक राजेन्द्र जायसवाल के अनुसार, बढ़ते मोबाइल स्क्रीन टाइम के कारण बच्चों में पठन संस्कृति कमजोर होती जा रही है। ऐसे समय में समाचार पत्र वाचन शिक्षा सुधार का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है।

संपादकीय लेखन और समूह चर्चा

विद्यालय में सप्ताह में एक दिन विद्यार्थियों को किसी संपादकीय विषय पर मौलिक लेखन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ समूह चर्चा का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि बच्चे अपने विचार स्पष्ट रूप से रख सकें और दूसरों की बातों को सुनकर समझ सकें।

इस प्रक्रिया से बच्चों में संवाद कौशल, अभिव्यक्ति क्षमता, तार्किक सोच और नैतिक मूल्यों का विकास हो रहा है। क्षेत्र में इस नवाचारपूर्ण पहल की सराहना की जा रही है।

शासकीय प्राथमिक शाला पीपरडांड का यह प्रयास निश्चित रूप से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण बन रहा है।

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