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रामअवतार जग्गी हत्याकांड: हाईकोर्ट में सुनवाई टली, कल होगी अंतिम बहस

करीब दो दशक पुराने बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। बुधवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन इसे एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। अब इस पर अंतिम सुनवाई गुरुवार को होगी।

सुनवाई के दौरान आरोपी अमित जोगी की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अब मामले की अंतिम बहस तय समय पर ही होगी।

यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पुनः हाईकोर्ट में विचार के लिए भेजा गया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने देरी को माफ करते हुए मामले की पुनर्समीक्षा का रास्ता साफ किया था और सीबीआई, राज्य सरकार तथा शिकायतकर्ता को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए थे।

बीते दिनों हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा शामिल हैं, ने आरोपी अमित जोगी और याचिकाकर्ता सतीश जग्गी को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे।

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मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामअवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने कुल 31 लोगों को आरोपी बनाया था। सुनवाई के दौरान दो आरोपी सरकारी गवाह बन गए थे, जबकि शेष आरोपियों में से अधिकांश को दोषी ठहराया गया। हालांकि, अमित जोगी को बाद में अदालत से बरी कर दिया गया था।

अमित जोगी की रिहाई को चुनौती देते हुए मृतक के बेटे सतीश जग्गी ने उच्च न्यायालय और बाद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पहले हाईकोर्ट ने विभिन्न याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाईकोर्ट में इस पूरे प्रकरण की दोबारा सुनवाई शुरू हुई है। गुरुवार को होने वाली अंतिम बहस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे इस लंबे समय से लंबित मामले में अहम फैसला सामने आ सकता है।

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