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रजक समाज की भूमिका सनातन परंपराओं की निरंतरता में अत्यंत महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री

रायपुर, 20 जुलाई 2025/ “शिक्षा ही वह साधन है, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने लक्ष्यों की प्राप्ति कर सकता है और अपने सपनों को साकार कर सकता है।” यह बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में आयोजित राज्य स्तरीय रजक युवा गाडगे सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा से रोजगार के अवसर सृजित होते हैं और यह व्यक्तिगत एवं सामाजिक विकास की कुंजी है। उन्होंने कहा कि “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” हमारी सरकार का मूलमंत्र है, और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में छत्तीसगढ़ की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ विजन डॉक्युमेंट तैयार कर उसे धरातल पर उतारने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संत गाडगे महाराज की पूजा-अर्चना कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। उन्होंने समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं, प्रबुद्धजनों एवं समाजसेवियों को शाल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित भी किया।

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मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि रजक समाज की सामाजिक समरसता और सेवा परंपरा अनुकरणीय रही है। छत्तीसगढ़ के हर गांव में इस समाज की उपस्थिति है और बिना इनके सहयोग के कोई भी सांस्कृतिक या पारिवारिक परंपरा पूरी नहीं होती। उनके पुश्तैनी व्यवसाय को सशक्त करने हेतु सरकार द्वारा रजककार विकास बोर्ड का गठन किया गया है, जिसके माध्यम से उन्हें किफायती दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि युवाओं को उन्नति की नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने हेतु सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही सुशासन सुनिश्चित करने के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है, जिससे अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन मोड पर संचालित हो रही हैं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है।

विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को प्रतिबद्धता से पूरा कर रही है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी, महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये और तेंदूपत्ता की 5500 रुपये प्रति मानक बोरा दर पर खरीदी — ये सभी योजनाएं जनकल्याण का प्रमाण हैं।

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नई औद्योगिक नीति के अंतर्गत महिलाओं, अनुसूचित जातियों, जनजातियों एवं दिव्यांगजनों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इससे प्रेरित होकर बीते आठ महीनों में राज्य को लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। युवाओं के लिए सरकारी एवं स्वरोजगार के लिए विशेष वातावरण बनाया गया है। डेढ़ वर्षों में 10,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं तथा 5,000 शिक्षकों की भर्ती शीघ्र की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण किया और कहा कि उन्हीं के प्रयासों से छत्तीसगढ़ का गठन हुआ। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि उनके शासन में राज्य ने भुखमरी से मुक्ति पाई और कल्याणकारी योजनाओं को विस्तार मिला।

सम्मेलन की अध्यक्षता रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक ने की। कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध लोकगायिका रजनी रजक ने किया। इस अवसर पर विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, क्रेडा अध्यक्ष भूपेन्द्र सवन्नी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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