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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर रायपुर में उच्च शिक्षा विभाग की एकदिवसीय कार्यशाला

रायपुर, 5 फरवरी 2026/ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों, संभावनाओं और व्यावहारिक पहलुओं पर विमर्श के उद्देश्य से उच्च शिक्षा विभाग द्वारा न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस रायपुर में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राज्यभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से जुड़े शिक्षाविदों, प्रशासकों और विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को केवल कागज़ों तक सीमित न रखकर प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुँचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कुलपति, कुलसचिव, महाविद्यालयों के प्राचार्य और प्राध्यापक स्वयं राष्ट्रीय शिक्षा नीति का गहन अध्ययन करें और इसे व्यवहार में उतारें।

मंत्री ने राज्य स्तर पर गठित समितियों द्वारा नियमित समीक्षा, जिला क्लस्टर व्यवस्था, टास्क फोर्स की बैठकें और विश्वविद्यालय स्तर पर प्रभावी निगरानी प्रणाली सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में समावेशित कर विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, विरासत और मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। स्थानीय लोक कला और शिल्प कला को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित ऑनलाइन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से शिक्षा को रोजगारोन्मुख, नवाचारपरक और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा रहा है। भविष्य में इस प्रकार की विस्तृत और बहुदिवसीय कार्यशालाओं के आयोजन की भी आवश्यकता है, ताकि नीति का गहन और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यशाला में विशेष अतिथि के रूप में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के अध्यक्ष अतुल कोठारी, न्यास के राष्ट्रीय सह संयोजक ओम प्रकाश शर्मा, आईआईटी भिलाई के निदेशक राजीव प्रकाश, शिक्षाविद दिलीप केशरवानी, डॉ. नारायण गवांडकर सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उच्च शिक्षा आयुक्त संतोष कुमार देवांगन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता अतुल कोठारी ने नीति के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में शामिल करने, क्रेडिट सिस्टम, मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम तथा टास्क फोर्स के गठन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।

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वहीं राजीव प्रकाश ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े अनुभव साझा किए और तकनीकी संस्थानों में इसके सकारात्मक प्रभावों पर चर्चा की। ओम प्रकाश शर्मा ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर नीति के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति और भावी दिशा पर अपने विचार रखे।