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प्रगति पोर्टल सुशासन और समयबद्ध विकास का सशक्त माध्यम: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 29 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और छत्तीसगढ़ सुशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्लेटफॉर्म सरकार की कथनी और करनी में समानता का सशक्त उदाहरण है।

मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में प्रगति पोर्टल को लेकर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रगति पोर्टल केवल बड़ी अवसंरचना परियोजनाओं की समीक्षा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नए भारत की नई कार्य संस्कृति का प्रतीक है। यह मिनिमम गवर्नमेंट-मैक्सिमम गवर्नेंस की अवधारणा को व्यवहार में उतारता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को विश्व में एक आदर्श प्रणाली के रूप में देखा जाता है। इसके पीछे केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की अहम भूमिका रही है। प्रगति प्लेटफॉर्म केंद्र और राज्य सरकारों के बीच योजनाओं और परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य कर रहा है।

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उन्होंने बताया कि प्रगति का अर्थ है प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन, यानी योजनाओं की पूर्व तैयारी और उनका समयबद्ध तथा प्रभावी क्रियान्वयन। यह प्लेटफॉर्म केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि जवाबदेही तय करने, पारदर्शिता बढ़ाने और कार्य संस्कृति में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है। पूर्व में अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास तो हो जाता था, लेकिन उनके पूर्ण होने की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं होती थी। ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म लागू किया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रगति पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री स्वयं राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के सचिवों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करते हैं। अब तक 50 से अधिक उच्चस्तरीय प्रगति समीक्षा बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इसके माध्यम से लगभग 85 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 3,300 से अधिक परियोजनाओं को गति मिली है। एक देश-एक राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि और स्वच्छ भारत मिशन सहित 61 योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। साथ ही 36 क्षेत्रों में शिकायत निवारण व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।

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उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी प्रगति डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। राज्य में वर्तमान में 99 राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनमें 6.11 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इनमें से 50 परियोजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि शेष विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। प्रगति पोर्टल पर राज्य से संबंधित 200 मुद्दे दर्ज किए गए थे, जिनमें से 183 का समाधान किया जा चुका है। इस तरह समाधान दर 91 प्रतिशत से अधिक रही है।

पावर, सड़क परिवहन, रेलवे, कोयला और इस्पात जैसे क्षेत्रों में लंबित परियोजनाओं की समस्याओं को प्रभावी ढंग से हल किया गया है। पावर सेक्टर के 24, सड़क परिवहन और राजमार्ग के 23, रेलवे के 14, कोयला के 7 और स्टील सेक्टर के 9 प्रोजेक्ट का समाधान किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट के आधुनिकीकरण और लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट जैसी वर्षों से लंबित परियोजनाओं को प्रगति प्लेटफॉर्म के जरिए गति मिली है। इससे औद्योगिक विकास को बल मिला और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हुए। रायपुर-कोडेबोड फोरलेन परियोजना में भूमि उपयोग और सामग्री आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान किया गया।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार विकास कार्यों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। राज्य सरकार द्वारा किए गए नवाचारों की सराहना ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने भी की है, जिसे विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रभावी तंत्र बताया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जब विकसित भारत के विजन की बात करते हैं, तो वह केवल शब्द नहीं, बल्कि एक स्पष्ट रोडमैप होता है, जिसे प्रगति प्लेटफॉर्म जैसे नवाचार साकार कर रहे हैं।