तियांजिन में एसइओ समिट : पीएम मोदी का भव्य स्वागत, चीन ने उपलब्ध कराई होंगची कार की सवारी
दिल्ली 31 अगस्त 2025। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन दिनों चीन के तियांजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एसइओ) समिट में भाग ले रहे हैं। समिट के दौरान उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिंगपिंग से मुलाकात की, जिसमें भारत और चीन ने आपसी सहयोग बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया।
लेकिन इस बार समिट में एक खास कार सुर्खियों में रही। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत और उनके आधिकारिक इस्तेमाल के लिए चीन ने प्रतिष्ठित होंगची L5 (Red Flag) कार उपलब्ध कराई। यह वही कार है जिसका उपयोग राष्ट्रपति शी जिंगपिंग स्वयं अपने दौरे में करते हैं। भारत में 2019 में शी जिंगपिंग के दौरे के समय भी यही कार चर्चा का केंद्र रही थी। चीन में होंगची कार केवल एक वाहन नहीं बल्कि शक्ति और प्रतिष्ठा का प्रतीक मानी जाती है।
होंगची L5 का इतिहास 1958 से जुड़ा है, जब सरकारी कंपनी फर्स्ट ऑटोमोटिव वर्क्स (FAW) ने इसे कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेताओं के लिए विकसित किया था। इस प्रतीकात्मक महत्व वाली कार को पीएम मोदी को मुहैया कराना चीन की ओर से एक विशेष स्वागत-संकेत माना जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी समिट में शामिल होने पहुंचे और उन्होंने अपनी विशेष प्रेसिडेंशियल कार ‘Aurus’ का उपयोग किया।
समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिंगपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि सीमा प्रबंधन पर विशेष प्रतिनिधियों के बीच समझौता हुआ है, कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू किया गया है और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानों की बहाली पर सहमति बनी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “भारत और चीन के 2.8 अरब लोगों के हित आपसी सहयोग से जुड़े हैं। इस सहयोग से दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा मिलेगी।”
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और चीन के बीच यह नई जुगलबंदी न केवल एशिया बल्कि अमेरिका सहित वैश्विक परिदृश्य पर भी असर डाल सकती है।