futuredछत्तीसगढताजा खबरें

गढ़फुलझर के नानकसागर में होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री, पर्यटन विकास को लेकर दिया भरोसा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक स्थल गढ़फुलझर के नानकसागर में आयोजित होला मोहल्ला कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेककर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की तथा कीर्तन समागम और अरदास में भाग लिया। कार्यक्रम में सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री का सरोपा भेंट कर सम्मान किया गया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गढ़फुलझर का नानकसागर स्थल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है, क्योंकि यहां गुरु नानक देव जी के आगमन से यह स्थान पवित्र माना जाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती संतों और महापुरुषों की तपोभूमि रही है, जहां से हमेशा मानवता, सेवा और भाईचारे का संदेश मिला है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में गढ़फुलझर क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए करीब 2 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है और विकास कार्य जारी हैं।

See also  लद्दाख कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की एनएसए के तहत हिरासत खत्म, केंद्र सरकार ने लिया फैसला

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नानकसागर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों को समय पर पूरा किया जाए और यहां पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाए, ताकि देश-प्रदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बसना विधायक संपत अग्रवाल ने कहा कि सिख समाज सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि गढ़फुलझर का यह स्थल न केवल सिख समाज की आस्था का केंद्र है, बल्कि सभी धर्मों के बीच सद्भाव और एकता का प्रतीक भी है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सवन्नी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित सिख समाज के कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।