पंजाब के स्वयंभू पादरी बाजिंदर सिंह यौन शोषण मामले में दोषी करार
मोहाली की एक अदालत ने 2018 के यौन शोषण मामले में शुक्रवार को स्वयंभू पादरी और पंजाब के चर्चित प्रचारक बाजिंदर सिंह को दोषी ठहराया। अदालत ने बाजिंदर सिंह को यौन दुर्व्यवहार का दोषी पाया, जबकि इसी मामले में अन्य पांच आरोपियों को बरी कर दिया।
कड़ी सुरक्षा के बीच हुई सुनवाई
19 मार्च को बाजिंदर सिंह समेत कुल छह आरोपी मोहाली की अदालत में पेश हुए। इस दौरान अदालत परिसर में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर करीब 150 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, क्योंकि पादरी के समर्थक उनके समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे।
गौरतलब है कि बाजिंदर सिंह को दिल्ली एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वह लंदन जाने के लिए उड़ान भरने वाले थे। बताया जा रहा है कि वह वहां एक हीलिंग इवेंट में शामिल होने जा रहे थे।
समर्थकों का विरोध प्रदर्शन
गिरफ्तारी के बाद बाजिंदर सिंह के समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की। बाजिंदर सिंह को ‘यशु यशु’ पादरी के नाम से जाना जाता है, क्योंकि उनके प्रचार के वीडियो में अक्सर ‘मेरा यशु यशु’ की ध्वनि सुनाई देती है। उनके अनुयायी उन्हें इसी नाम से संबोधित करते हैं।
हाल ही में दर्ज हुए नए मामले
बीते कुछ सप्ताह से बाजिंदर सिंह लगातार विवादों में घिरे हुए हैं। हाल ही में उनके खिलाफ यौन शोषण और हमले के नए मामले दर्ज किए गए हैं।
तीन दिन पहले एक वायरल वीडियो के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसमें वह एक पुरुष और एक महिला के साथमारपीट करते नजर आए। वीडियो में बाजिंदर सिंह को गुस्से में फोन और एक किताब फेंकते हुए देखा गया।
इस मामले में पीड़ित महिला ने बताया कि वह कई वर्षों से बाजिंदर सिंह के चर्च में काम कर रही थी, लेकिन इस घटना के बाद उसने नौकरी छोड़ दी। उसने यह भी आरोप लगाया कि चर्च में काम करने वाली युवतियों और स्वयंसेवकों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था और विरोध करने पर बाजिंदर सिंह ने महिलाओं के साथ बदसलूकी की।
इससे पहले, पंजाब के कपूरथला में 22 वर्षीय युवती ने बाजिंदर सिंह पर यौन शोषण, पीछा करने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। हालांकि, बाजिंदर सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि उनके खिलाफ साजिश रची गई है। उन्होंने कहा कि उनके विरोधी पादरियों ने उन्हें फंसाने के लिए यह ‘षड्यंत्र’ रचा है।