नारी शक्ति वंदन अधिनियम 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह कानून देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को नई मजबूती देगा और भविष्य की दिशा तय करेगा।
प्रधानमंत्री सोमवार को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है, जो अतीत के सपनों को साकार करेगा और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा।
संवाद और सहमति से पास हुआ कानून
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता रही कि यह संवैधानिक संशोधन संवाद, सहयोग और सहभागिता की भावना से पारित हो। उन्होंने याद दिलाया कि जब वर्ष 2023 में यह विधेयक संसद में पेश किया गया था, तब सभी दलों ने सर्वसम्मति से इसका समर्थन किया था।
पंचायतों में महिलाओं ने दिखाई नेतृत्व क्षमता
प्रधानमंत्री ने पंचायत राज संस्थाओं को महिलाओं के नेतृत्व का सशक्त उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि देश की महिलाओं ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है और स्थानीय शासन व्यवस्था में उनकी भूमिका लगातार मजबूत हुई है।
उन्होंने जल जीवन मिशन का उदाहरण देते हुए कहा कि गांवों में महिलाओं की भागीदारी से इस योजना को बड़ी सफलता मिली है। पंचायत स्तर पर महिलाओं की सक्रिय भूमिका ने विकास कार्यों को गति दी है।
निर्णय प्रक्रिया में बढ़ती भागीदारी जरूरी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विभिन्न अध्ययनों से यह सामने आया है कि जब निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती है, तो व्यवस्था अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और प्रभावी बनती है।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति को आगे बढ़ाना केवल सामाजिक न्याय का विषय नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की भी अनिवार्य शर्त है।

