मातृ वंदन योजना में छत्तीसगढ़ बना नंबर वन, तेज क्रियान्वयन और शिकायत निराकरण से हासिल की बड़ी सफलता
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के प्रभावी संचालन में छत्तीसगढ़ ने देशभर में पहला स्थान हासिल कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। राज्य सरकार की सक्रियता, त्वरित निर्णय और जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन के चलते यह सफलता संभव हो सकी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर कहा कि गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व को सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राज्य ने इस योजना के तहत न केवल पंजीयन में तेजी दिखाई, बल्कि आवेदनों के समयबद्ध सत्यापन और स्वीकृति पर भी विशेष ध्यान दिया। वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 2 लाख से अधिक महिलाओं का पंजीयन किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का बड़ा हिस्सा है।
प्रशासनिक स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर उच्च अधिकारियों तक सभी ने मिलकर कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप आवेदनों की जांच और स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी आई। बड़ी संख्या में आवेदनों को केंद्र सरकार को भुगतान के लिए भेजा गया, जिसमें स्वीकृति दर भी उच्च रही।
इसके साथ ही शिकायतों के त्वरित निराकरण पर भी जोर दिया गया। अधिकांश शिकायतें भुगतान में देरी से जुड़ी थीं, जिन्हें प्राथमिकता से हल किया गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बड़ी संख्या में शिकायतों का समय पर समाधान कर लिया गया, जिससे लाभार्थियों को राहत मिली।
पिछले तीन वर्षों में योजना के अंतर्गत लाखों गर्भवती महिलाओं को लाभ मिला है। इस योजना के तहत महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलता है और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार होता है।
छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि दर्शाती है कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी के जरिए सामाजिक क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव संभव है।

