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कोटा को मिलेगा उच्च शिक्षा और टेक्नोलॉजी में नया आयाम, ट्रिपल आईटी में शुरू होंगे AI और भविष्य उन्मुख पाठ्यक्रम

शिक्षा नगरी के रूप में देशभर में अपनी पहचान बनाने वाले कोटा को अब उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा मिलने जा रही है। ट्रिपल आईटी कोटा (IIIT Kota) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) समेत कई अत्याधुनिक और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी जोर पकड़ चुकी है। इस दिशा में केंद्र सरकार स्तर पर भी गंभीर मंथन किया गया है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच संसद भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कोटा-बूंदी क्षेत्र में उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा के समग्र विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एक विशेष समिति बनाने के निर्देश दिए हैं, जो एक माह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

कोटा बनेगा आईआईटी जैसी शिक्षा नगरी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कोटा देश का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र है, जहां हर साल लगभग डेढ़ लाख छात्र IIT और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। उन्होंने बताया कि सड़क और रेल कनेक्टिविटी के साथ आने वाले समय में एयर कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। ऐसे में ट्रिपल आईटी कोटा को और सशक्त बनाना समय की मांग है और इसे IIT की तर्ज पर विकसित किया जाना चाहिए।

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि आगामी दस वर्षों में ट्रिपल आईटी कोटा में छात्रों की संख्या 25,000 तक बढ़ाने की योजना है। संस्थान में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा और नए, समसामयिक व रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। बैठक में पीएमश्री विद्यालयों की संख्या बढ़ाने और राजस्थान के लिए शिक्षा बजट में केंद्रीय सहायता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार किया गया।

नए पाठ्यक्रम और विभागों की योजना
ट्रिपल आईटी कोटा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन एनर्जी, वैश्विक रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप भविष्य उन्मुख कोर्स, एआई सेंटर, पंप स्टोरेज और एटॉमिक स्टडीज जैसे विभाग शुरू करने का प्रस्ताव है। चंबल नदी क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा और रावतभाटा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र के चलते कोटा तकनीकी और ऊर्जा आधारित शिक्षा के लिए अनुकूल माना जा रहा है।

स्कूली शिक्षा और संविधान जागरूकता
लोकसभा अध्यक्ष ने कोटा-बूंदी क्षेत्र में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर भी जोर दिया। उन्होंने ‘नो योर कॉन्स्टिट्यूशन’ कार्यक्रम को स्कूलों में व्यापक रूप से लागू करने की आवश्यकता बताई, ताकि छात्र संविधान के मूल सिद्धांतों और मूल्यों से परिचित हो सकें।

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बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, ट्रिपल आईटी कोटा के निदेशक सहित कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल कोटा को तकनीकी और उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में उभारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि क्षेत्र के समग्र शैक्षिक विकास को भी नई गति देगी।