कोरबा ट्रिपल मर्डर केस: हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, दो की उम्रकैद बरकरार, तीन आरोपी बरी
छत्तीसगढ़ के चर्चित ट्रिपल मर्डर केस में हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। पूर्व उप मुख्यमंत्री प्यारे लाल कंवर के परिवार से जुड़े इस मामले में निचली अदालत द्वारा दी गई सजा की समीक्षा करते हुए अदालत ने दो दोषियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है, जबकि तीन आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
यह सनसनीखेज घटना 21 अप्रैल 2021 को कोरबा जिले के भैसमा गांव में हुई थी, जहां प्यारे लाल कंवर के बेटे हरीश कंवर, बहू सुमित्रा कंवर और चार वर्षीय पोती याशिका कंवर की उनके घर में ही निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।
जांच के दौरान सामने आया कि हत्या के पीछे पारिवारिक जमीन के मुआवजे को लेकर विवाद था। इस मामले में परिवार के ही सदस्य हरभजन सिंह कंवर, उनकी पत्नी धनकुंवर, धनकुंवर के भाई परमेश्वर कंवर, सुरेंद्र कंवर और परमेश्वर के मित्र रामप्रसाद मन्नेवार को आरोपी बनाया गया था।
मामले की सुनवाई के बाद कोरबा की निचली अदालत ने सभी पांचों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि, इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी।
हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों की पुनः जांच के बाद अपना निर्णय सुनाया। अदालत ने पाया कि दो आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, इसलिए उनकी सजा को यथावत रखा गया। वहीं, तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ ठोस प्रमाण नहीं मिलने के कारण उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।
इस फैसले के बाद मामले में एक नया मोड़ आ गया है और यह निर्णय न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के महत्व को एक बार फिर रेखांकित करता है।

