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जनदर्शन में सुशासन की मिसाल: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिए मौके पर समाधान के निर्देश

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जनदर्शन के माध्यम से अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा सुनते हुए न केवल उसकी समस्या को समझ रहे हैं, बल्कि मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। लोगों की जरूरतों, मांगों और तकलीफों के प्रति यह संवेदनशील और त्वरित दृष्टिकोण साफ बताता है कि सुशासन का केंद्र मानवीय संवेदना ही है। जब जन आकांक्षाओं को मुख्यमंत्री की सहृदयता से दिशा मिलती है, तब अंत्योदय की भावना व्यवहार में उतरती दिखती है।

राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री के शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन आज सेवा, संवेदना और समाधान का जीवंत उदाहरण बना। इस जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्त हुए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के दूर-दराज अंचलों से आए नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही स्पष्ट निर्देश दिए। कई जरूरतमंदों को तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, जिससे यह संदेश और मजबूत हुआ कि जन सरोकारों से जुड़ी समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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रायपुर के 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक श्री हनुमंत राव ने मुख्यमंत्री से मिलकर कर उन्हें बताया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है, जिसकी वजह से वे शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तत्काल श्री राव का राशन कार्ड बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए ।

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की राह

आज के जनदर्शन ने कई दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद जगाई। रायपुर के खमतराई निवासी जीवन दास मानिकपुरी और आरंग के भारत साहू को बैटरी चलित ट्राइसिकल प्रदान की गई। ट्राइसिकल पाकर उनके चेहरे पर आत्मनिर्भरता की खुशी साफ झलक रही थी। अब उन्हें आवागमन के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

इसी तरह रायपुर के चंदू यादव और सुमन साहू को ट्राइसिकल और व्हीलचेयर प्रदान की गई। वहीं सुनने की क्षमता खो चुके सागर नायक और उमेश पटेल को तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे वे फिर से सामान्य जीवन की ओर कदम बढ़ा सकेंगे।

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लकवा पीड़ित बसंती को इलाज के लिए 5 लाख की सहायता

जनदर्शन में महासमुंद जिले के ग्राम बड़ेटेमरी निवासी बसंती साव की बड़ी उम्मीद पूरी हुई। पैरों से लकवाग्रस्त बसंती ने अपने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता और पारिवारिक स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए की राशि तत्काल स्वीकृत की गई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बसंती को शासन से 75 हजार रुपए की सहायता मिल चुकी है। इस निर्णय से परिवार को बड़ी राहत मिली।

60 वर्षीय हनुमंत राव को मिलेगा योजनाओं का लाभ

जनदर्शन में रायपुर के तात्यापारा निवासी 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक हनुमंत राव की समस्या का भी मौके पर समाधान हुआ। माता-पिता के निधन के बाद राशन कार्ड की पात्रता को लेकर परेशान राव ने अपनी बात मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए, जिससे वे अब शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

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तीन दिव्यांगों को 20-20 हजार की तात्कालिक सहायता

सूरज नगर लाभांडी, रायपुर निवासी 17 वर्षीय दिव्यांग राज शर्मा को दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण 20 हजार रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया गया। इसके साथ ही फूल गिरी गोस्वामी को पुत्री के विवाह हेतु 20 हजार रुपए की सहायता दी गई। रायगढ़ निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद को उच्च शिक्षा के लिए भी 20 हजार रुपए की सहायता तत्काल स्वीकृत की गई।

जनदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह केवल आवेदन लेने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आम जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद नागरिक को अनावश्यक भटकना न पड़े।