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ईंधन संकट की आशंका के बीच पाकिस्तान ने उठाए सख्त कदम, दो हफ्ते बंद रहेंगे स्कूल

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच पाकिस्तान सरकार ने ईंधन बचत के लिए कई आपात कदमों की घोषणा की है। प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में इन उपायों की जानकारी दी और कहा कि संभावित ईंधन संकट से निपटने के लिए देश को अभी से तैयारी करनी होगी।

प्रधानमंत्री ने बताया कि ईंधन की खपत कम करने के उद्देश्य से 16 मार्च से देशभर के सभी स्कूल दो सप्ताह के लिए बंद रहेंगे। वहीं विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों को तुरंत ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने सरकारी विभागों के ईंधन भत्ते में भी कटौती का फैसला लिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगले दो महीनों तक सरकारी विभागों को मिलने वाले ईंधन भत्ते में 50 प्रतिशत तक कमी की जाएगी। इसके अलावा ईंधन की खपत घटाने के लिए आधे सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी जाएगी।

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सरकारी कार्यालयों के कामकाज में भी बदलाव किया गया है। अब अधिकतर सरकारी दफ्तर सप्ताह में चार दिन ही खुलेंगे, हालांकि इस निर्णय से बैंकों को बाहर रखा गया है।

रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान की तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा होर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इज़राइल और ईरान से जुड़े तनाव के कारण इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है, जिससे तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

प्रधानमंत्री के संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिस पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने वैश्विक ऊर्जा बाजार पर युद्ध के असर को लेकर चिंता व्यक्त की, जबकि कुछ ने इसे वैश्विक संकट का संकेत बताया।

इसी बीच पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी की घोषणा की है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पेट्रोल की कीमत में 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जिसे देश के इतिहास की सबसे बड़ी वृद्धि माना जा रहा है।

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वहीं हाई-स्पीड डीजल की कीमत भी करीब 20 प्रतिशत बढ़कर 280.86 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 335.86 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए ये कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।