futuredछत्तीसगढताजा खबरें

भीषण गर्मी का कहर: धूप के तल्ख तेवरों ने बदली लोगों की दिनचर्या, सड़कों पर पसरा सन्नाटा

सूरज की तपिश ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। आसमान से बरसती आग और ज़मीन से उठती गर्म हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। सोमवार को तापमान ने एक और पायदान चढ़ते हुए 44 डिग्री सेल्सियस को छू लिया, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया।

भीषण धूप और उमस के चलते सुबह से ही लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हैं। दोपहर के समय तो हालत यह रही कि मुख्य सड़कों और बाज़ारों में सन्नाटा पसर गया। ज़रूरी काम से निकले लोग सिर पर टोपी, चेहरे पर गमछा और हाथों में दस्ताने पहनकर खुद को सूरज की आग से बचाते नज़र आए।

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में विशेष गिरावट की संभावना नहीं है, जिससे राहत की उम्मीद फिलहाल धुंधली लग रही है। लोग कूलर, पंखे और एसी का सहारा ले रहे हैं, लेकिन 44 डिग्री की झुलसाने वाली गर्मी के सामने ये सभी प्रयास फीके साबित हो रहे हैं।

See also  औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध संगठित संघर्ष का प्रतीक बुधू भगत

गर्मी का असर जनजीवन पर साफ़ देखा जा सकता है — जहां लोग अब सुबह और शाम को ही जरूरी खरीदारी के लिए बाजार का रुख कर रहे हैं, वहीं दिनभर सड़कों पर वीरानी और अघोषित कर्फ्यू सा माहौल नजर आता है। शीतल पेय और जूस की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है, लोग राहत के कुछ पलों की तलाश में वहां पहुंच रहे हैं।

साफ है कि सूरज की तल्ख़ी ने न केवल वातावरण को तपाया है, बल्कि लोगों की दिनचर्या और सामान्य जीवन को भी पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब सबकी निगाहें मौसम में संभावित बदलाव पर टिकी हैं, जिससे इस झुलसाती गर्मी से कुछ राहत मिल सके।