मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक, स्थायी समिति गठन को मंजूरी
रायपुर, 13 फरवरी 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा के साथ नए एजेंडों पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के अंतिम निर्णय हेतु प्रेषित करने पर सहमति बनी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनके संरक्षण व संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी तंत्र मजबूत करने, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने और जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाई जानी चाहिए और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाने पर बल देते हुए कहा कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में केवल अत्यावश्यक कार्य ही बिना छेड़छाड़ के पूरे किए जाएं। सह-अस्तित्व की भावना के अनुरूप सभी गतिविधियों के संचालन की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।
बैठक में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति के गठन को मंजूरी दी गई। यह समिति वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में गठित की जाएगी, जिसमें 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे। बताया गया कि वन्यजीव दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित कार्यों के लिए राज्य वन्यजीव बोर्ड का अभिमत अनिवार्य होता है। बोर्ड की बैठकों के बीच अंतराल अधिक होने के कारण कई प्रस्ताव लंबित हो जाते हैं। स्थायी समिति के गठन से वैधानिक मंजूरियों का त्वरित निपटान और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े विषयों का शीघ्र समाधान संभव हो सकेगा।
बैठक में उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत बरबांधा जलाशय में बांध और नहरों के जीर्णोद्धार एवं नए कार्य, पीएम जनमन योजना के तहत कबीरधाम जिले के कवर्धा वनमंडल में पंडरीपानी मेन रोड से सौरु तक मार्ग मजबूतीकरण, गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने से जुड़े छह प्रस्ताव, सेमरसोत अभ्यारण्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ कैंप स्थापना तथा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने जैसे प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। इन सभी प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक धर्मजीत सिंह, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अरुण कुमार पाण्डेय सहित बोर्ड के अन्य सदस्य और अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि विकास कार्यों और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए प्रदेश में पर्यावरणीय संवेदनशीलता को प्राथमिकता दी जाएगी।
