पेंशनरों को डीआर की किश्त व एरियर्स देने की मांग, मुख्यमंत्री से शीघ्र निर्णय का आग्रह
रायपुर, 15 जनवरी 2026/ भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मांग की है कि राज्य के पेंशनरों को कर्मचारियों की तरह महंगाई राहत (डीआर) की तीन प्रतिशत की एक किश्त तत्काल प्रदान की जाए। इसके साथ ही जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक की छह माह की अवधि का एरियर्स भी शीघ्र घोषित कर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि इस संबंध में मध्यप्रदेश सरकार की सहमति आवश्यक होने की बात कही जा रही है, इसलिए छत्तीसगढ़ शासन को इस विषय में मध्यप्रदेश शासन से शीघ्र पत्राचार कर सहमति प्राप्त करनी चाहिए, ताकि पेंशनरों को राहत मिल सके।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 11 जनवरी 2026 को राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय अधिवेशन में कर्मचारियों के लिए तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा की गई थी। इसके बाद वित्त विभाग द्वारा 14 जनवरी 2026 को कर्मचारियों के लिए तीन प्रतिशत डीए वृद्धि का आदेश जारी कर दिया गया, जिसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावशील किया गया है।
हालांकि, जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक की छह माह की अवधि का एरियर्स भुगतान आदेश अब तक जारी नहीं हुआ है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वहीं दूसरी ओर, राज्य के लगभग डेढ़ लाख पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को महंगाई राहत (डीआर) दिए जाने के मामले में वित्त विभाग द्वारा मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) का हवाला देते हुए दोनों राज्यों की सहमति को आवश्यक बताया जा रहा है। इसी कारण हर बार की तरह इस बार भी पेंशनरों को डीआर का भुगतान लंबित है।
वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि डीआर को लेकर अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं होने से छत्तीसगढ़ के पेंशनरों और परिवार पेंशनरों में निराशा और भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पेंशनरों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर शीघ्र निर्णय लिया जाए।
इस मांग के समर्थन में महासंघ से जुड़े अन्य नेताओं में द्रौपदी यादव, जे.पी. मिश्रा, अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, एन.आर. साहू, आर.के. टंडन, आर.जी. बोहरे, टी.पी. सिंह, बी.एस. दसमेर, ओ.डी. शर्मा, हरेंद्र चंद्राकर, मालिक राम वर्मा, एम.एन. पाठक, आर.के. साहू, अनिल पाठक, शरद काले, आर.के. नारद, नरसिंग राम, बी.एल. यादव, नागेन्द्र सिंह सहित अनेक पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री से पेंशनरों की लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
