डबल इंजन सरकार का स्पष्ट संकेत: अगले दशक में छत्तीसगढ़ का ग्रोथ इंजन बनेगा बिलासपुर
रायपुर, 6 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले वर्षों में बिलासपुर राज्य का अगला प्रमुख ग्रोथ इंजन बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक ने बिलासपुर के समग्र विकास को लेकर एक ठोस राजनीतिक और प्रशासनिक अभियान का स्वरूप ग्रहण कर लिया।
इस बैठक में केंद्र और राज्य स्तर के शीर्ष नेतृत्व की व्यापक उपस्थिति ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया कि बिलासपुर का विकास अब केवल स्थानीय एजेंडा नहीं, बल्कि राज्य की प्राथमिकताओं में शीर्ष स्थान पर है। बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, विधायक अमर अग्रवाल, सुशांत शुक्ला, धरमलाल कौशिक, महापौर पूजा विधानी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस संयुक्त उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि बिलासपुर का विकास दिल्ली और रायपुर के बीच प्रत्यक्ष समन्वय से आगे बढ़ेगा और योजनाओं की स्वीकृति, वित्तीय प्रावधान तथा क्रियान्वयन में अब किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में स्वयं बिलासपुर के अगले 10 से 15 वर्षों के शहरी विकास का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। चर्चा केवल वर्तमान समस्याओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि भविष्य की जनसंख्या वृद्धि, शहरी विस्तार, ट्रैफिक प्रबंधन, आवास, जल आपूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज और समग्र नगर नियोजन जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि “नाली से लेकर नगर नियोजन तक” कोई भी विषय चर्चा से बाहर नहीं रखा गया।
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि बिलासपुर को केवल एक बड़ा शहर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ का नया आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य हब के रूप में विकसित किया जाएगा। बेहतर लॉजिस्टिक्स, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी और निवेश के नए अवसरों के साथ बिलासपुर को मध्य भारत के प्रमुख शहरी केंद्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। आने वाले वर्षों में बिलासपुर को मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां सस्टेनेबल शहरी ढांचा, स्वच्छता, आधुनिक सुविधाएं और रोजगार सृजन एक साथ आगे बढ़ेंगे।
बैठक में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी ने समावेशी विकास की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत की। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि बिलासपुर विकास रोडमैप के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
केंद्र–राज्य समन्वय के इस मॉडल से यह भी स्पष्ट हुआ कि बिलासपुर की शहरी विकास योजनाएं अब सीधे राष्ट्रीय मिशनों से जुड़ रही हैं। स्मार्ट सिटी, अमृत मिशन, आवास, नगरीय परिवहन और आधारभूत संरचना से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, जिससे शहर को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
बैठक में यह दोहराया गया कि बिलासपुर आने वाले समय में छत्तीसगढ़ का अगला ग्रोथ इंजन बनेगा। औद्योगिक निवेश, शहरी रोजगार, रियल एस्टेट, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से उत्तर छत्तीसगढ़ में विकास की नई लहर उत्पन्न होगी।
बिलासपुर के विकास का यह अभियान न केवल शहर, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह पहल केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि डबल इंजन सरकार का एक मजबूत और स्पष्ट राजनीतिक संकल्प है, जो बिलासपुर को राष्ट्रीय शहरी विकास मानचित्र पर निर्णायक पहचान दिलाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

