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धान खरीदी में छत्तीसगढ़ की पारदर्शी व्यवस्था ने जीता किसानों का भरोसा, नारायणपुर में सहज प्रक्रिया से किसानों में संतोष

रायपुर, 02 दिसंबर 2025।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई पारदर्शी और किसान हितैषी धान खरीदी व्यवस्था ने किसानों के बीच भरोसा और संतोष को मजबूत किया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के दौरान नारायणपुर जिले के 17 उपार्जन केंद्रों में बारदाना, छाया, पेयजल, मेडिकल किट सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।

खरीदी प्रक्रिया को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन टोकन प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों को लंबी कतारों और प्रतीक्षा से राहत मिली है। नोडल अधिकारियों की नियमित निगरानी के कारण किसी भी किसान को विशेष कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा।
धान विक्रय के बाद भुगतान दो दिनों के भीतर किसानों के खातों में जमा हो रहा है, जिससे उन्हें बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और वित्तीय सुरक्षा बनी रहती है।

नारायणपुर के माहका धान खरीदी केंद्र में धान बेचने पहुंचे किसान नंद कुमार शर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए व्यवस्था को सराहनीय बताया। पाँच एकड़ रकबे में इस वर्ष 60 क्विंटल उत्पादन करने वाले नंद कुमार ने कहा कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य एवं 21 क्विंटल प्रति एकड़ का मानक किसानों को वास्तविक लाभ दे रहा है। उनके अनुसार ऑनलाइन टोकन प्रणाली ने प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है और केंद्र में उपलब्ध सुविधाएँ पूरी तरह संतोषजनक हैं।

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नंद कुमार ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की किसान-हितैषी पहल आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि धान बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग वे खेती सुधार और पारिवारिक जरूरतों पर करेंगे।

केंद्र में मौजूद अन्य किसानों ने भी खरीदी व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी इसी तरह की सुव्यवस्थित और पारदर्शी प्रणाली लागू रहेगी और सरकार के प्रयासों से किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।