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प्रगति प्लेटफॉर्म से तेज़ हुई छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, अधोसंरचना और ऊर्जा परियोजनाओं को नई गति: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर, 1 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास की गति नई ऊँचाइयों तक पहुँची है। दशकों से लंबित महत्वपूर्ण अधोसंरचना और ऊर्जा परियोजनाएँ अब प्रगति (PRAGATI) प्लेटफॉर्म के माध्यम से समयबद्ध ढंग से पूरी हो रही हैं। यह केंद्र सरकार की परिणामोन्मुख, जवाबदेह और निर्णायक कार्यशैली का स्पष्ट प्रमाण है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रगति प्लेटफॉर्म का प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से दिखाई दे रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण से देश में रेल उत्पादन को नई गति मिली है और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। इससे आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती मिली है और राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा प्राप्त हुई है।

इसी प्रकार एनटीपीसी की लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना (1600 मेगावाट) से छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से ऊर्जा सुरक्षा सुदृढ़ हुई है तथा औद्योगिक और कृषि गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है।

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मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने परियोजनाओं की निगरानी, निरंतर समीक्षा और बाधाओं के त्वरित समाधान की एक प्रभावी प्रणाली विकसित की है। स्पष्ट लक्ष्य, तेज़ क्रियान्वयन और ठोस परिणाम यही नए भारत की कार्यसंस्कृति है और यही “विकसित भारत @ 2047” के लक्ष्य को साकार करने का मार्ग है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आयोजित प्रगति की 50वीं बैठक ने राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को भी नई गति दी है। यह आईसीटी आधारित प्लेटफॉर्म परियोजनाओं की निगरानी और समाधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाता है। पिछले एक दशक में प्रगति प्लेटफॉर्म के माध्यम से 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं की रफ्तार तेज हुई है। इनमें अवसंरचना, ऊर्जा, रेल, सड़क, कोयला सहित अनेक क्षेत्रों की परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ भी हैं।

बैठक में भिलाई इस्पात संयंत्र के आधुनिकीकरण और विस्तार कार्य का विशेष उल्लेख किया गया। इस परियोजना को वर्ष 2007 में स्वीकृति मिली थी। प्रगति बैठकों में नियमित समीक्षा और अंतर-एजेंसी समन्वय के कारण परियोजना को नई गति मिली और कार्यान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति हुई। इसके परिणामस्वरूप उत्पादन क्षमता में वृद्धि, सहायक उद्योगों का विस्तार, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्राप्त हुई है।

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इसी प्रकार रायगढ़ में वर्ष 2009 में स्वीकृत लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना को भी प्रगति प्लेटफॉर्म के अंतर्गत उच्च स्तरीय समीक्षा, आवश्यक दिशा-निर्देशों और निरंतर मॉनिटरिंग से तेज़ी मिली। आज यह परियोजना राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है और छत्तीसगढ़ की पहचान को “पावर हब ऑफ इंडिया” के रूप में और मजबूत करती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने सहयोगी संघवाद को नई शक्ति दी है और केंद्र तथा राज्यों के संयुक्त प्रयासों से विकास कार्यों में गति और विश्वास दोनों बढ़े हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रगति की 50वीं बैठक को देश और छत्तीसगढ़ के लिए दूरगामी महत्व का बताते हुए कहा कि समयबद्ध परियोजना पूर्णता की इस व्यवस्था का सीधा लाभ राज्य को मिला है। भिलाई इस्पात संयंत्र और लारा सुपर थर्मल पावर परियोजना जैसी बड़ी परियोजनाओं को मिली नई गति इस बात का प्रमाण है कि प्रगति प्लेटफॉर्म ने समाधान-उन्मुख शासन का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षमता, निवेश, रोजगार और सहायक अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और छत्तीसगढ़ विकसित भारत @ 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य में अपनी निर्णायक भूमिका निभाता रहेगा।

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