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धर्म स्वतंत्रता विधेयक को मंजूरी, पंजीयन पर अतिरिक्त उपकर समाप्त सहित कैबिनेट के अहम फैसले

रायपुर, 10 मार्च 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा स्थित उनके प्रतिकक्ष में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में राज्य के विधायी, प्रशासनिक, ऊर्जा, भर्ती प्रणाली और खेल अधोसंरचना से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बाद अनेक प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई।

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक, 2026 के प्रारूप को स्वीकृति दी। इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन के लिए बल प्रयोग, प्रलोभन, कपटपूर्ण नीति व साधनों, अनुचित प्रभाव या मिथ्या निरूपण जैसे तरीकों पर प्रभावी रोक लगाना है। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक भावना सुरक्षित रखते हुए अवांछित गतिविधियों पर नियंत्रण संभव होगा।

बैठक में विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित मामलों को न्यायालय से वापस लेने के संबंध में गठित मंत्रिपरिषद की उप-समिति की अनुशंसा पर 13 प्रकरणों को न्यायालय से वापस लेने का अनुमोदन किया गया। इसे प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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मंत्रिपरिषद ने अपारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर आधारित संयंत्रों और परियोजनाओं के लिए अनुदान दरों के निर्धारण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके तहत क्रेडा द्वारा सोलर हाईमास्ट संयंत्र के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 1.50 लाख रुपये का राज्य अनुदान प्रस्तावित किया गया है, जबकि वर्ष 2026-27 और आगामी वर्षों के लिए निविदा दर का 30 प्रतिशत या 1.50 लाख रुपये (जो भी कम हो) अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह घरेलू बायोगैस संयंत्र (न्यूनतम 2 से 6 घन मीटर) के लिए वर्ष 2024-25 और 2025-26 में प्रति संयंत्र 9 हजार रुपये तथा वर्ष 2026-27 और आगे के वर्षों के लिए सभी क्षमताओं हेतु 9 हजार रुपये प्रति संयंत्र प्रस्तावित किए गए हैं।

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी, जिसके तहत पंजीयन पर प्रभार्य अतिरिक्त उपकर शुल्क समाप्त हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण के लिए संपत्ति के अंतरण पर प्रभार्य स्टाम्प शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत की दर से उपकर लगाया गया था। वर्तमान में योजना संचालित नहीं होने के कारण इस अतिरिक्त उपकर को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

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बैठक में छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम, 1972 (संशोधन) विधेयक, 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई। इसके अलावा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई, जिसके तहत राज्य शासन के विभिन्न विभागों में तकनीकी और गैर-तकनीकी तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों के लिए चयन और परीक्षाओं के आयोजन हेतु छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया जाएगा।

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक, 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। साथ ही छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा 40, 50 और 59 में संशोधन संबंधी विधेयक, 2026 के प्रारूप को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में खेल अधोसंरचना को बढ़ावा देने के तहत जिला क्रिकेट एसोसिएशन राजनांदगांव को राजगामी संपदा की 5 एकड़ भूमि आबंटित करने का निर्णय लिया गया। इस भूमि पर अत्याधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी का निर्माण किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।

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