कर्मचारियों की मेहनत से सशक्त होता है प्रशासन : मुख्यमंत्री साय, महंगाई भत्ता बढ़ाकर 58% किया
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कर्मचारी शासन-प्रशासन की मजबूत रीढ़ होते हैं। उनकी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के कारण ही सरकार की योजनाएं और नीतियां जमीन पर प्रभावी रूप से लागू हो पाती हैं। छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक तंत्र आप सभी की मेहनत और समर्पण से ही सुचारु रूप से कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में आयोजित राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ के त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह निर्णय कर्मचारियों को वास्तविक राहत देगा और यह सरकार की कर्मचारी-हितैषी सोच को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अधिवेशन केवल संगठनात्मक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि सुशासन के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर भी है। जब सरकार और कर्मचारी मिलकर काम करते हैं, तभी विकास को नई गति मिलती है और शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है।
उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल सुधारों के माध्यम से प्रशासन को अधिक पारदर्शी और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जनविश्वास आधारित प्रशासन को और मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समय पर भुगतान को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो। छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना और पेंशन फंड विधेयक के पारित होने से इस दिशा में मजबूत कानूनी आधार भी तैयार हुआ है।
उन्होंने यह भी बताया कि ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के जरिए कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाई जा रही है। साथ ही प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें बदलते समय के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुरक्षा स्थिति पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि एक समय नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम से स्थिति में बड़ा सुधार हुआ है। उन्होंने सुरक्षा बलों के योगदान को नमन किया और कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए मानवीय पुनर्वास नीति लागू की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुसार 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर क्षेत्र में तेजी से शांति बहाल हो रही है और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ वन क्षेत्रों तक बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के अनुरूप राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ तैयार कर प्रदेश के विकास को नई दिशा दी है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री गौरव कुमार सोनी, महामंत्री श्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री अरुण तिवारी, प्रदेश महामंत्री श्री अश्वनी चेलक सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

