सहकारिता और सामाजिक समरसता का उत्सव छेरछेरा
छत्तीसगढ़ का छेरछेरा पर्व फसल कटाई, दान परंपरा और सहकारिता का प्रतीक है। यह पर्व सामाजिक एकता, जैव विविधता संरक्षण और लोक संस्कृति को सहेजता है।
Read Moreछत्तीसगढ़ का छेरछेरा पर्व फसल कटाई, दान परंपरा और सहकारिता का प्रतीक है। यह पर्व सामाजिक एकता, जैव विविधता संरक्षण और लोक संस्कृति को सहेजता है।
Read Moreछत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने स्पष्ट किया कि शिक्षा सत्र 2026–27 की पुस्तकों का मुद्रण एनईपी, एनसीईआरटी और एससीईआरटी मानकों के अनुसार है, बस्ते के वजन बढ़ने के दावे भ्रामक हैं।
Read Moreभोपाल में प्रमुख जन गोष्ठी में सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि हिन्दू पहचान समाज को जोड़ती है। उन्होंने धर्म, संघ की भूमिका और पंच परिवर्तन पर विस्तार से विचार रखे।
Read Moreमां दंतेश्वरी मंदिर, दंतेवाड़ा में बस्तर पंडुम 2026 का लोगो और थीम गीत जारी। 12 विधाओं में तीन चरणों में होगा जनजातीय संस्कृति का भव्य उत्सव।
Read Moreसावित्रीबाई फुले जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें नमन किया और महिला शिक्षा, समानता व सामाजिक न्याय में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
Read Moreलोकपर्व छेरछेरा पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं और इसे दान, समरसता व छत्तीसगढ़ी परंपरा का प्रतीक बताया।
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