संघ जनसंघ और भाजपा के अद्भुत सृजक और शिल्पी : कुशाभाऊ ठाकरे
संपन्नता अर्जित करना उतना कठिन नहीं जितना गुरुत्व प्राप्त करना है। गुरुत्व के लिये साधना लगती है, तपस्चर्या लगती है।
Read moreसंपन्नता अर्जित करना उतना कठिन नहीं जितना गुरुत्व प्राप्त करना है। गुरुत्व के लिये साधना लगती है, तपस्चर्या लगती है।
Read moreसनातन संस्कृति, राष्ट्र और परंपराओं की रक्षा केलिये भारत में असंख्य बलिदान हुये हैं। इनमें कुछ परिवारों की तो पीढ़ियों का बलिदान हुआ। इसमें गुरु गोविन्दसिंह की वंश परंपरा भी है जिनकी पीढियों का बलिदान इतिहास पन्नों में दर्ज है। दिसम्बर के अंतिम सप्ताह गुरु गोविन्द सिंह के चारों पुत्रों को दी गई क्रूरतम यातनाएँ और उनका बलिदान का विवरण आज भी रोंगटे खड़े कर देता है।
Read moreमालवीय जी ने प्रयाग में भारती भवन पुस्तकालय, मैकडोनेल यूनिवर्सिटी हिन्दू छात्रालय और मिण्टो पार्क की स्थापना की। हरिद्वार में ऋषिकुल, गौरक्षा, आयुर्वेद सम्मेलन तथा सेवा समिति, स्काउट गाइड तथा सेवा क्षेत्र की अनेक संस्थाओं की स्थापना की।
Read moreआर्यसमाज के प्रखर वेदज्ञ वक्ता, उच्चकोटि के अधिवक्ता, ओजस्वी वक्ता, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और क्राँतिकारियों की एक पूरी पीढ़ी तैयार
Read moreभारत के इतिहास में बुंदेलखंड के वीर योद्धा राजा छत्रसाल का नाम अमर है। उनकी पुण्यतिथि पर उनके अद्वितीय साहस,
Read more1898 में मेडिकल कॉलेज मुम्बई से मेडिकल डिग्री ली और मुम्बई में ही नगर निगम के चिकित्सा अधिकारी नियुक्त हो गये। अपनी चिकित्सा सेवा के साथ उन्हे सैन्य कार्यों में रुचि रही इसका उन्होंने प्रयास किया और सेना की चिकित्सा शाखा में कमीशन अधिकारी नियुक्त हो गये।
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