डूंगरपुर नगर के स्थापत्य का विशिष्ठ अंग गोखड़े
दुर्ग, महल, हवेलियों तथा भवनों में गोखडे अथवा झरोखे का निर्माण मध्यकालीन भारतीय स्थापत्य का महत्वपूर्ण अंग रहा है तथा
Read Moreदुर्ग, महल, हवेलियों तथा भवनों में गोखडे अथवा झरोखे का निर्माण मध्यकालीन भारतीय स्थापत्य का महत्वपूर्ण अंग रहा है तथा
Read Moreप्राचीन लक्ष्मण मंदिर एवं आसपास के आकर्षणों को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल की सूची में नामांकित कराने के लिए किये गया प्रयासों के तहत, एक डोजियर की तैयारी के लिए विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करने के प्राथमिक उद्देश्य के साथ, सिरपुर साडा के विनयपूर्ण निमंत्रण पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सम्मानित संयुक्त महानिदेशक (अन्वेषण एवं उत्खनन) डॉ. प्रवीण कुमार मिश्रा द्वारा सिरपुर का दौरा किया गया।
Read Moreखोज में यहां के प्राचीनतम चट्टानों में तलवारधारी घुड़सवार, हिरण, अश्व, मुर्गी व मोर समेत अनेक शैलचित्र देखे गए हैं। पुरातन काल से ही आदिमानवों के इस क्षेत्र में लंबे समय तक रहवास की पुष्टि भी इन शैलचित्रों से हो रही है।
Read Moreभगवान रामचंद्र के के वंश में अंतिम राजा सुमित्र का उल्लेख है जिसके साथ गोहिल और वंश का संबंध है। कनक सेन ने अयोध्या का राज्य छोड़कर सौराष्ट्र में सूर्य वंश की स्थापना की थी तथा इसकी राजधानी वल्लभी में थी।
Read Moreसल्तनत काल के इतिहास में भारत का ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहाँ हमलावरों से अपने स्वत्व और स्वाभिमान की रक्षा
Read Moreअयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर में श्रीराम लला के विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात प्रत्येक दिन औसतन 2 लाख से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। यह तो केवल अयोध्या की कहानी है इसके साथ ही तिरुपति बालाजी, काशी विश्वनाथ मंदिर, उज्जैन में महाकाल लोक, जम्मू स्थित वैष्णो देवी मंदिर, उत्तराखंड में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री एवं यमनोत्री जैसे कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ रही है।
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