मोबाईल और इंटरनेट बिना जग सून : मनकही
मोबाइल और इंटरनेट की बढ़ती लत ने मनुष्य को सामाजिक जीवन से दूर कर डिजिटल निर्भरता में बाँध दिया है। यह लेख आधुनिक जीवन की इसी सच्चाई को मार्मिक रूप में प्रस्तुत करता है।
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Read Moreग्रामीण भारत में रेडियो सूचना और मनोरंजन का प्रमुख माध्यम था। इसी रेडियो ने 25 जून 1975 को आपातकाल की घोषणा और 21 मार्च 1977 को उसके समाप्त होने की खबर सुनाई। एक ग्रामीण बालक की स्मृतियों में दर्ज उस दौर का भावनात्मक संस्मरण।
Read Moreयह आलेख यात्रा और जीवन के गहरे संबंध को बस और रेल यात्रा के प्रतीकों के माध्यम से समझाता है, जहाँ कर्म, मर्यादा और संतुलन जीवन-पथ के आधार बनते हैं।
Read Moreयह आलेख अक्षरों, पुस्तकों और भाषा के महत्व को रेखांकित करता है, जहाँ बचपन की वर्णमाला से लेकर मानव सभ्यता के विकास तक की ज्ञान-यात्रा सरल गद्य में प्रस्तुत है।
Read Moreबस्तर में आतंक फैलाने वाले दुर्दांत माओवादी हिड़मा के मारे जाने से लोगों में सुकून लौटा। लेख अर्बन नक्सल नैरेटिव और माओवादी हिंसा का सच उजागर करता है।
Read Moreआचार्य विनोबा भावे की जयंती पर विशेष — भूदान और ग्रामदान आंदोलन के प्रणेता, महात्मा गांधी के शिष्य और भारत रत्न विनोबा जी की पदयात्राओं, विचारों और योगदान का विवरण।
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