प्रकृति, पितृ एवं ऊर्जा का संगम : पितृमोक्ष अमावस्या
सर्व पितृमोक्ष अमावस्या शरद और हेमंत ऋतु संगम का पावन पर्व है। यह तिथि पूर्वजों के स्मरण, प्रकृति ऊर्जा से जुड़ाव और समाज जीवन को समृद्ध बनाने का संदेश देती है।
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Read Moreपितृपक्ष पूर्वजों के स्मरण, कुटुम्बीय एकता और प्रकृति से समन्वय का पर्व है। श्राद्ध, तर्पण और पाँच ग्रास परंपरा के माध्यम से यह व्यक्ति, परिवार और समाज को आंतरिक शक्ति और जीवन मूल्य प्रदान करता है।
Read More7 सितंबर 2025 को पूर्ण चंद्रग्रहण दिखाई देगा। जानिए कब से कब तक रहेगा ग्रहण, सूतक काल, धार्मिक महत्व और वैज्ञानिक दृष्टि।
Read Moreपितृ पक्ष केवल धार्मिक रीति नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह पूर्वजों की स्मृति और भावनात्मक संतुलन का पर्व है। आज की भागदौड़ भरी दुनिया में पितृ पक्ष हमें ठहरकर सोचने, अपनी जड़ों से जुड़ने और जीवन की क्षणभंगुरता को समझने का अवसर देता है।
Read Moreभारत में गाणपत्य सम्प्रदाय का ऐतिहासिक विकास गणेश उपासना की निरंतर यात्रा है। वैदिक विनायक से पौराणिक गजानन और आधुनिक विघ्नहर्ता तक, यह परंपरा धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक रही है।
Read Moreभगवान गणेश के जन्म, स्वरूप, प्रतीकों और बत्तीस रूपों का विस्तृत वर्णन। जानिए प्रतिमा शास्त्र और आगम ग्रंथों में गणपति की महिमा का रहस्य।
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