अद्वैत वेदांत और योग के यूरोपीय दूत : अनंतबोध चैतन्य
जानिए अनंतबोध चैतन्य जी के जीवन, शिक्षाओं, श्रीविद्या दीक्षा और यूरोप में भारतीय संस्कृति के प्रचार कार्यों के बारे में इस विस्तृत लेख में
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Read Moreहठयोग प्रदीपिका के अनुसार योग करने से शरीर आकर्षक बनता है ,मुख पर प्रसन्नता रहती है ,वाणी में सौम्यता रहती है ,आँखे निर्मल बन जाती है .शरीर से रोग दूर हो जाते है अर्थात शरीर निरोगी बन जाता है
Read Moreभारतीय ज्ञान परंपरा में योग विधा कितनी प्राचीन है, यह कहना कठिन है। जहाँ तक इतिहास दृष्टि जाती है, वहाँ तक योग का उल्लेख मिलता है। गीता, महाभारत, उपनिषद, अरण्यक और वेदों में भी योग का वर्णन है।
Read Moreआज निर्जला एकादशी है, इस दिन देश के कुछ राज्यों में ठंडे मीठे पानी एवं शरबत की छबीलें लगाई जाती
Read Moreश्रीमद्भगवद्गीता न केवल एक आध्यात्मिक ग्रन्थ है, बल्कि यह एक गूढ़ युद्ध शास्त्र भी है। यह ग्रन्थ केवल साधना, मोक्ष,
Read Moreआचार्य श्री राम शर्मा की विरासत उनके साहित्य और संस्थानों के माध्यम से जीवित है। उनकी 3,200 से अधिक पुस्तकें जीवन के हर पहलू को छूती हैं और समकालीन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान प्रदान करती हैं।
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