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प्रतिबंधित कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी के सदस्यों का कश्मीर चुनाव मैदान में उतरने का अर्थ?

जम्मू कश्मीर में हो रहे विधानसभा चुनावों से एक चौंकाने वाली खबर आई है। प्रतिबंधित जमायते इस्लामी के पाँच पूर्व पदाधिकारियों ने निर्दलीय रूप से अपनी उम्मीदवारी घोषित कर दी है। इस संगठन ने 1987 के बाद से किसी चुनाव में हिस्सा नहीं लिया था और 1993 से 2003 के बीच हुये हर चुनाव को “हराम” बताकर बहिष्कार की अपील की थी। लेकिन जमात ने इस बार अपनी रणनीति में बदलाव किया है।

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अंग्रेजियत के विरुद्ध संघर्ष और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण: माधवहरि अणे

अणे पर लोकमान्य तिलक जी का प्रभाव उनके समाचारपत्र ‘मराठा’ और ‘केसरी’  के कारण पड़ा।  वे इन पत्रों के नियमित पाठक थे। 1914 में जब तिलक जी जेल से छूटकर आये तो अणे जी उनसे मिलने वालों में शामिल थे। इसी भेंट के बाद उनके तिलक जी से संबंध बने और वे तिलक जी के निकट आ गये।

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स्वाधीनता के सूर्योदय के लिये निर्णायक आँदोलन का उद्घोष

स्वाधिनता आँदोलन के इतिहास में यह नौ अगस्त की तिथि दो महत्वपूर्ण स्मृतियों से जुड़ी है। पहली तिथि 9 अगस्त 1925 है इसदिन क्राँतिकारी आँदोलन को गति देने केलिये काकोरी रेल्वे स्टेशन पर सरकारी खजाना लूटा गया था।
दूसरी तिथि 9 अगस्त 1942 है जब अहिसंक आँदोलन को निर्णायक स्वरूप देने के लिये अंग्रेजो भारत छोड़ो आँदोलन आरंभ हुआ था।

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छत्तीसगढ़ में स्थापित होगा देश का तीसरा सबसे बड़ा बाघ अभयारण्य

छत्तीसगढ़ में देश का तीसरा सबसे बड़ा बाघ अभयारण्य, गुरु घासीदास-तमोर पिंगला, जल्द ही अस्तित्व में आएगा। यह नया बाघ अभयारण्य 2829.387 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला होगा और इसे छत्तीसगढ़ के प्रमुख वन क्षेत्रों को एकीकृत करके बनाया गया है। इस निर्णय से बाघों की सुरक्षा और संख्या में सुधार की उम्मीद है, साथ ही यह क्षेत्र इको-टूरिज़्म और स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा।”

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वनवासी सशस्त्र संघर्ष के नायक बिरसा मुंडा

एक विश्वासघाती की सूचना के आधार पर 3 फरवरी 1900 को चक्रधरपुर जमकोपाई जंगल से वे गिरफ़्तार कर लिये गये। जेल में प्रताड़ना का दौर चला और उन्होने बिरसा 9 जून 1900 ई को इस संसार से विदा ली। इस प्रकार एक महानायक का बलिदान हो गया।

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