हमारे नायक

futuredहमारे नायक

पराधीनता के विरुद्ध स्वाभिमान का उद्घोष करने वाले छत्रपति शिवाजी

शिवाजी की नौसेना का निर्माण भी स्वाभिमान का प्रतीक था। उन्होंने सिद्दी और पुर्तगालियों के समुद्री आक्रमणों से बचाव के लिए 400 जहाजों की नौसेना खड़ी की। सिंधुदुर्ग दुर्ग को नौसेना का मुख्यालय बनाया। वे भारतीय नौसेना के जनक कहे जाते हैं।

Read More
futuredहमारे नायक

क्राँतिकारी पृथ्वी सिंह आज़ाद: गदर से गणतंत्र तक का संघर्षपूर्ण जीवन

गदर पार्टी के संस्थापक सदस्य, क्राँतिकारी चिंतक और स्वतंत्रता सेनानी पृथ्वी सिंह आज़ाद के जीवन, संघर्ष, कारावास, विदेश अभियान और योगदान का संपूर्ण परिचय।

Read More
futuredहमारे नायक

राष्ट्र चेतना की स्वरमयी प्रतीक सरोजिनी नायडू

भारत कोकिला सरोजिनी नायडू के जीवन, साहित्य, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और महिला सशक्तिकरण की प्रेरक गद्यात्मक प्रस्तुति।

Read More
futuredहमारे नायक

शुद्धि, शिक्षा और स्वदेशी के आर्य प्रहरी स्वामी श्रद्धानंद

23 दिसंबर 1926 को जब वे अस्वस्थ थे, अब्दुल रशीद नामक व्यक्ति ने उनके घर आकर गोली मार दी। यह घटना पूरे देश को झकझोर गई। वे शय्या पर थे, लेकिन उनके चेहरे पर भय नहीं था। उनकी हत्या ने उनके विचारों को समाप्त नहीं किया, बल्कि उन्हें और व्यापक बना दिया।

Read More
futuredहमारे नायक

औपनिवेशिक शोषण के विरुद्ध संगठित संघर्ष का प्रतीक बुधू भगत

वीर बुधू भगत के जीवन, कोल विद्रोह 1831–32 में उनकी भूमिका, आदिवासी अस्मिता और ब्रिटिश शोषण के विरुद्ध उनके संगठित संघर्ष की प्रेरक और शोधपरक कथा।

Read More
futuredधर्म-अध्यात्महमारे नायक

वैदिक चेतना से सामाजिक क्रांति तक भारतीय पुनर्जागरण के अग्रदूत महर्षि दयानंद सरस्वती

महर्षि दयानंद सरस्वती ने उन्नीसवीं सदी में वेदों की ओर लौटने का आह्वान करते हुए सामाजिक कुरीतियों, अंधविश्वास और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध व्यापक आंदोलन चलाया। आर्य समाज की स्थापना और शिक्षा सुधार के माध्यम से उन्होंने भारतीय पुनर्जागरण को नई दिशा दी।

Read More