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नेताजी सुभाषचंद्र बोस एवं वामपंथी विचारधारा : जयंती विशेष

कार्ल मार्क्स से लेकर आज के समय तक के बड़े साम्यवादी विचारक जुर्गेन हैबर मास समझते थे कि औद्योगिक समाज में धर्म समाप्त हो जाएगाl सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी जैसे मिट्टी से जुड़े नेता जानते थे कि धर्म कभी समाप्त नहीं हो सकता और इस कारण नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वामपंथी विचारधारा से मित्रता संभव नहीं हो सकीl

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स्वाभिमान और स्वाधीनता की मिसाल महाराणा प्रताप

राणा जी अकबर से पराजित होते या अभाव होता तो यह विकास और समृद्धि प्रयास संभव ही नहीं थे। अंततः 19 जनवरी 1597 में स्वाभिमान के साथ उन्होंने देह त्यागी। कोटिशः नमन् परम् वीर यौद्धा राणा प्रताप जी को।

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जोगीद्वीप के इतिहास को लेकर हुई चर्चा

संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग रायपुर के द्वारा बलौदाबाजार जिले के देवरी नामक स्थल पर पुरातात्विक उत्खनन का कार्य 2015-16 में किया गया था जिनका उत्खनन रिपोर्ट एक्सकैवेशन एट देवरी (2015 -16) के रूप में प्रकाशित है

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बांग्लादेश का उदय और पाकिस्तान की हार की गाथा

दुनियाँ के इतिहास में यह सबसे छोटा निर्णायक युद्ध माना जाता है। इस युद्ध समापन के साथ एक नये देश का उदय हुआ जो अब बंगलादेश के नाम से जाना जाता है। बंगलादेश के अस्तित्व की भूमिका 1947 में पाकिस्तान के निर्माण के साथ ही ही पड़ गयी थी।

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आजाद हिन्द सरकार स्थापना स्मरण दिवस 21 अक्टुबर

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 को आजाद हिन्द सरकार (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) या भारतीय राष्ट्रीय अंतरिम सरकार की स्थापना की थी। यह सरकार नेताजी द्वारा सिंगापुर में घोषित की गई थी, और इसका उद्देश्य भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराना था।

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आहोम साम्राज्य की अनूठी स्थापत्य कला और परंपरा मोइदम

मोइदम (Moidams) असम राज्य के महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर हैं। ये मोइदम ताई-अहोम राजाओं और उनके प्रमुख व्यक्तियों के मकबरे या समाधि हैं, जिन्हें उनके निधन के बाद निर्माण कराया गया था।

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