पुराने कुओं को जगाइए, जल संकट को भगाइए
मानसून से पहले कुओं की सफाई और पुनर्जीवन की भारतीय परंपरा आज भूजल संकट के समाधान का प्रभावी माध्यम बन सकती है। जानिए कुओं के संरक्षण, भूजल रिचार्ज और जल विरासत को बचाने की आवश्यकता।
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Read Moreबचपन की साइकिल, स्कूल के दिन, ग्रामीण जीवन की मधुर स्मृतियाँ और साइकिल के ‘कुत्ते’ से मिली जीवन की गहरी सीख। यह संस्मरण यादों, संघर्ष, आत्मनिर्भरता और जीवन-दर्शन की एक भावनात्मक यात्रा है।
Read Moreभारतीय संस्कृति में दाई माँ की परंपरा, उसका सामाजिक महत्व, पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक दौर में उसके लुप्त होते अस्तित्व पर एक संवेदनशील व विश्लेषणात्मक लेख।
Read Moreअक्ति पर्व छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, कृषि संस्कृति, जल संरक्षण, पुतरी पुतरा विवाह और सामाजिक समरसता से जुड़ा महत्वपूर्ण उत्सव है, जो लोक जीवन की आस्था और प्रकृति प्रेम को दर्शाता है।
Read Moreफागुन चैत्र की महुआ महक से शुरू होकर वैदिक मधुका मंत्र अथर्ववेद ऋग्वेद आयुर्वेद चरक सुश्रुत तक और लोक संस्कृति आधुनिक साहित्य रेणु पर्यावरण विमर्श तक महुआ का सतत प्रवाह जो लोक स्मृति प्रकृति और जीवन चक्र का प्रतीक है।
Read Moreमेरे आंगन की गौरैया अब दिखती नहीं—इस भावनात्मक और तथ्यात्मक हिंदी आलेख में गौरैया के घटते अस्तित्व, पर्यावरणीय कारणों और संरक्षण के उपायों का मार्मिक वर्णन।
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