धर्म-अध्यात्म

futuredधर्म-अध्यात्मलोक-संस्कृति

आध्यात्मिकता और प्रकृति सौंदर्य का उत्सव शरद पूर्णिमा

भारतीय संस्कृति मे शरद ॠतु का महत्व यहाँ के जन जीवन में स्पष्ट रुप से परिलक्षित होता है। वर्षा के बीतने के पश्चात दशहरे एवं दीवाली का त्यौहार मनुष्य के जीवन में नव उल्लास एवं नव संचार लेकर आता है, जो जीवन क्षमता में वृद्धि करता है, क्योंकि प्रकृति उल्लास एवं उमंग का ही पर्याय है। प्रकृति हमें सह अस्तित्व के साथ जीना सिखाती है और वसुधा, वसुंधरा होकर चराचर जगत के जीवों के लिए अपना सर्वस्व अर्पण कर देती है।

Read More
futuredधर्म-अध्यात्म

छत्तीसगढ़ में दशहरा मनाने की अद्भूत परम्परा

रायगढ़ में मथुरा की नाटक मंडली आकर रामलीला का मंचन करती थी। छत्तीसगढ़ में रामलीला के लिए अकलतरा और कोसा बहुत प्रसिद्ध था। इसी प्रकार रासलीला के लिए नरियरा और नाटक के लिए शिवरीनारायण बहुत प्रसिद्ध था। टी.बी. की चकाचैंध ने रामलीला, रासलीला और नाटकों के मंचन को प्रभावित ही नहीं किया बल्कि समाप्त ही कर दिया है। यह एक विचारणीय प्रश्न है।

Read More
futuredधर्म-अध्यात्म

लोक की प्रमुख देवियाँ सतबहिनियाँ

छत्तीसगढ़ में “सातबहिनियाँ” या “सात बहनें” के रूप में पूजित देवियों की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता अत्यधिक है। ये सात देवियाँ ग्रामीण और आदिवासी समाज की गहरी धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई हैं, और इनकी पूजा विशेषकर सुरक्षा, समृद्धि, और आपदाओं से मुक्ति के लिए की जाती है।

Read More
futuredधर्म-अध्यात्म

देवी दुर्गा की आराधना और ऋतु परिवर्तन का पर्व नवरात्रि

नवरात्रि को कृषि और ऋतु परिवर्तन के संदर्भ में भी देखा जाता है। यह समय फसल की कटाई और नई फसल की बुवाई का होता है। शारदीय नवरात्रि विशेष रूप से शरद ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है, जब मौसम बदलता है और धरती पर नई ऊर्जा का संचार होता है।

Read More
futuredधर्म-अध्यात्म

शक्ति उपासना का पर्व नवरात्र

छत्तीसगढ़ में शिवोपासना के साथ शक्ति उपासना प्राचीन काल से प्रचलित है। कदाचित इसी कारण शिव भी शक्ति के बिना शव या निष्क्रिय बताये गये हैं। योनि पट्ट पर स्थापित शिवलिंग और अर्द्धनारीश्वर स्वरूप की कल्पना वास्तव में शिव-शक्ति या प्रकृति-पुरूष के समन्वय का परिचायक है।

Read More
futuredधर्म-अध्यात्म

पितरों के माध्यम से प्रकृति की अनंत ऊर्जा से जुड़ने और आदर्श समाज निर्माण का संदेश

पितृमोक्ष अमावस्या शरद ऋतु के समापन और हेमन्त के आरंभ की तिथि है। ऋतुओं के इस मिलन से मौसम परिवर्तन

Read More