बीजापुर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, छह माओवादी ढेर, डीवीसीएम दिलीप बेड़जा मारा गया
बीजापुर जिले के उत्तर-पश्चिमी इलाके में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। भोपालपटनम और फरसेगढ़ थाना क्षेत्रों से सटे नेशनल पार्क इलाके में हुई मुठभेड़ में चार महिला माओवादियों सहित कुल छह नक्सली मारे गए। इनमें नेशनल पार्क एरिया कमेटी का प्रभारी और आठ लाख रुपये का इनामी डीवीसीएम दिलीप बेड़जा भी शामिल है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नक्सलियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद 17 जनवरी 2026 को संयुक्त बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इस अभियान में डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ, कोबरा बटालियन (202, 206, 210) और सीआरपीएफ की 214वीं बटालियन शामिल रही। अभियान के दौरान 17 जनवरी की सुबह से 18 जनवरी की शाम तक नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच रुक-रुक कर मुठभेड़ होती रही।
मुठभेड़ के बाद इलाके में चलाए गए सघन तलाशी अभियान में छह नक्सलियों के शव बरामद किए गए। घटनास्थल से दो एके-47, एक इंसास राइफल, दो .303 राइफल और एक कार्बाइन समेत कुल छह हथियार जब्त किए गए हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री, बीजीएल लॉन्चर, वायरलेस सेट, स्कैनर, नकदी, नक्सली साहित्य, वर्दियां और अन्य सामग्री भी मिली है।
बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि मारे गए सभी नक्सलियों पर कुल 27 लाख रुपये का इनाम घोषित था। प्रारंभिक पहचान में डीवीसीएम दिलीप बेड़जा (8 लाख), एसीएम माड़वी कोसा (5 लाख), एसीएम पालो पोड़ियम (5 लाख), एसीएम लक्खी मड़काम (5 लाख), पीएम जुगलो बंजाम (2 लाख) और पीएम राधा मेट्टा (2 लाख) शामिल हैं। दिलीप बेड़जा के खिलाफ बीजापुर जिले के विभिन्न थानों में 135 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे और वह कई बड़ी नक्सली वारदातों में सक्रिय भूमिका निभा चुका था।
इस कार्रवाई पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टिलिंगम ने कहा कि लगातार आसूचना आधारित अभियानों और ग्रामीणों के सहयोग से क्षेत्र में नक्सल प्रभाव तेजी से कमजोर हो रहा है। उन्होंने शेष नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने की अपील भी की।
पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में बीजापुर जिले में 163 नक्सली मारे गए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक आठ नक्सली मुठभेड़ों में ढेर किए जा चुके हैं।
अभियान के दौरान दो जवान घायल भी हुए हैं। कोबरा 206 के प्रधान आरक्षक नीरज शर्मा और एसटीएफ के प्रधान आरक्षक कृष्णा नेताम को अलग-अलग नक्सली हमलों में चोटें आईं। दोनों को बेहतर इलाज के लिए सुरक्षित रूप से उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

