futuredछत्तीसगढ

बेबीलॉन टावर आग हादसे के हीरोज का सम्मान, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से टली जनहानि

रायपुर, 03 सितंबर 2025/ राजधानी के बेबीलॉन टावर में बीती रात अचानक आग लगने की घटना पर जिला प्रशासन, पुलिस और कुछ साहसी युवाओं के प्रयासों एवं सूझबूझ से बिना जनहानि के काबू पा लिया गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरोज को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने आज सम्मानित किया।

गौरतलब है कि बेबीलॉन टावर में आग लगने की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन को त्वरित रूप से राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने विशेष हिदायत दी थी कि इस अग्नि दुर्घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि न होने पाए। सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह, जिला प्रशासन और अग्निशमन का अमला तेजी से मौके पर पहुँचा और बचाव कार्य में जुट गया। फँसे हुए लोगों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान स्वयं मुख्यमंत्री और सीएम सचिवालय के अधिकारी पल-पल की जानकारी लेते रहे।

See also  मिडिल ईस्ट में फ्लाइट सेवाएं पटरी पर, भारत में घरेलू हवाई किराए की सीमा 23 मार्च से हटेगी

रेस्क्यू ऑपरेशन के हीरोज को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने शॉल और किताब देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ये सभी लोग समाज के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। हमारे शहर के गौरव हैं, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाने के लिए खुद को समर्पित कर दिया। इनमें सोमेश साव, देवाशीष बरिहा, आकाश साहू, विशाल यादव, अभिषेक सिन्हा और ए. वेनूगोपाल शामिल थे। जिला सेनानी अधिकारी पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने भी इस दुर्घटना की रोकथाम और बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि इन जांबाज युवाओं ने अपने समाज और परिवार के संस्कारों को प्रदर्शित किया है। कठिन परिस्थितियों में अपनी चिंता न कर दूसरों की चिंता करना ही सबसे बड़ा मानवीय मूल्य है। उन्होंने कहा कि कल रात घटना की जानकारी मिली तो एसएसपी और वे एयरपोर्ट पर थे, क्योंकि मुख्यमंत्री साय का आगमन होना था। मुख्यमंत्री ने तुरंत घटना स्थल पर जाकर रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल होने का निर्देश दिया। इसके बाद वे मौके पर पहुँचे। उस दौरान नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन, एडीएम उमाशंकर बंदे, एसडीएम नंदकुमार चौबे, जिला सेनानी अधिकारी पुष्पराज सिंह, तेलीबांधा थाना टीआई सहित प्रशासनिक अमला और एसडीआरएफ की टीम आग बुझाने में जुटी रही। रेस्क्यू टीम ने आग लगे स्थल से एक दिव्यांग व्यक्ति को गोद में उठाकर सुरक्षित बाहर निकाला।

See also  धमतरी में पहली बार भव्य बोट चैंपियनशिप, गंगरेल की लहरों पर दिखेगा रोमांच और प्रतिस्पर्धा

घटना की सूचना मिलते ही सबसे पहले एसडीएम नंदकुमार चौबे और जिला सेनानी पुष्पराज सिंह मौके पर पहुँचे। परिस्थिति को देखते हुए वे टीम के साथ सातवें माले तक गए और उपस्थित लोगों को समझाया कि घबराएँ नहीं और सावधानीपूर्वक सीढ़ियों से बाहर निकलें। उनकी समझाइश से सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल पाए।

युवाओं ने दिखाई बहादुरी

सोमेश साव ने बताया कि उनके मित्र ने फोन कर आगजनी की सूचना दी और सहायता के लिए बुलाया। वे 10 मिनट में घटनास्थल पहुँच गए। वहाँ पहुँचकर बेसमेंट में मौजूद फायर इक्विपमेंट को इकट्ठा किया और सीढ़ियों से ऊपर चढ़ते हुए सभी मंजिलों पर लगी आग को बुझाने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि नगर निगम कर्मचारी ए. वेनूगोपाल, जो फायर ब्रिगेड में कार्यरत हैं, ने उन्हें गीले कपड़े मास्क की तरह उपयोग करने की सलाह दी। कुछ देर बाद सोमेश और ए. वेनूगोपाल आग लगी जगह पर पहुँचे और टीम के साथ फँसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहे।

See also  भारतीय संस्कृति में जल स्रोतों का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व

यह घटना इस बात का उदाहरण है कि साहस, त्वरित निर्णय और सामूहिक प्रयास से किसी भी बड़ी आपदा को टाला जा सकता है।