अवंतीबाई लोधी बलिदान दिवस: मुख्यमंत्री साय ने विकास और सांस्कृतिक पहचान को बताया सरकार की प्राथमिकता
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य संत-महात्माओं की पावन भूमि और प्रभु श्रीराम के ननिहाल के रूप में जाना जाता है, जिसे विकसित और समृद्ध बनाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। वे कबीरधाम जिले के ग्राम सेमरिया में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के 168वें बलिदान दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को देशभक्ति और साहस का प्रतीक बताया।
विकास कार्यों की घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपये, यज्ञशाला के लिए 20 लाख रुपये और एक मिनी स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की।
महिलाओं और किसानों के लिए योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। वहीं किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है।
आस्था और संस्कृति को बढ़ावा
उन्होंने बताया कि ‘रामलला दर्शन योजना’ के माध्यम से हजारों श्रद्धालु अयोध्या जाकर भगवान राम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही राज्य में खेल और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न आयोजनों का भी संचालन किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने लोधी समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह समाज देशभक्ति और सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

