Author: News Editor

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भारत के पुनः जगद्गुरु बनने के पथ प्रदर्शक स्वामी विवेकानंद

शिकागो (अमेरिका) में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में पहुँचने से पूर्व स्वामीजी को अनगिनत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। तत्पश्चात ११ सितंबर १८९३ के पावन दिवस पर उनके मुख से गुरु रामकृष्ण प्रेरित ऐसी ओजस्वी वाणी गूंजी कि आज भी दुनिया याद करती है।

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futuredधर्म-अध्यात्म

राम कृपा बिनु सुलभ न सोई

राम मंदिर के उद्घाटन के साथ, अयोध्या एक वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है। यह न केवल भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के केंद्र के रूप में भी पहचाना जाएगा। यह मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था, संघर्ष और प्रतीक्षा का सजीव उदाहरण है।

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अपराधियों के लिए छत्तीसगढ़ में कोई जगह नहीं : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गौ तस्करी और गौ मांस बेचने जैसी घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि गौ तस्करी और गौ मांस बेचने वाले या तो अपनी हरकतों से बाज आएं या प्रदेश छोड़ दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराधियों के लिए छत्तीसगढ़ में कोई जगह नहीं है।

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महर्षि दयानंद सरस्वती का हिन्दी भाषा की प्रसिद्धि में योगदान

महर्षि दयानंद ने हिन्दी को भारत की विविध भाषाओं और समुदायों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक एकता स्थापित करने का साधन माना। उन्होंने हिन्दी को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और सामाजिक सुधार के लिए एक प्रभावशाली उपकरण के रूप में प्रस्तुत किया।

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प्रवासी भारतीयों की वैश्विक स्थिति एवं योगदान प्रवासी : भारतीय दिवस विशेष

प्रवासी उस व्यक्ति को कहा जाता है जो अपने देश को छोड़कर किसी अन्य देश में रहने, काम करने या बसने के लिए जाता है। विशेष रूप से, प्रवासी भारतीय वे भारतीय होते हैं जो अपने देश से बाहर किसी अन्य देश में रहते हैं, काम करते हैं या स्थायी रूप से बस गए होते हैं।

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लूट, विध्वंस और पुनर्निर्माण का संघर्षमय इतिहास : सोमनाथ मंदिर

सोमनाथ मंदिर में लूट और विध्वंस की यह घटना 8 जनवरी 1026 की है। उस दिन लुटेरे मेहमूद गजनवी और उसकी फौज ने केवल संपत्ति लूटकर सोमनाथ मंदिर का विध्वंस नहीं किया था बल्कि वहां उपस्थित एक भी व्यक्ति को जीवित नहीं छोड़ा था। वह या तो उन्हें मार गया था या उन्हें बंदी बनाकर अपने साथ ले गया था। यही हाल स्त्रियों का किया था।

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