जानिए दीपावली 2025 की तिथि, शुभ लक्ष्मी पूजा मुहूर्त, पूजा विधि
दीपावली, जिसे ‘दीवाली’ भी कहा जाता है, भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा और पवित्र त्योहार है। यह अंधकार पर प्रकाश, अज्ञान पर ज्ञान, और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है।
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Read Moreबालोद जिले के ग्राम बाघमार में 05 से 07 दिसंबर 2025 तक पारंपरिक कंगला मांझी महोत्सव का आयोजन होगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित विभूतियों को कंगला मांझी, लतीफ घोघी, नारायण चंद्राकर और अन्य सम्मान प्रदान किए जाएंगे।
Read Moreधनतेरस का पर्व केवल सोना-चांदी की खरीदारी का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, संतुलन और आयुर्वेद की परंपरा का उत्सव है। भगवान धन्वंतरि की आराधना के माध्यम से यह दिन हमें सिखाता है कि सच्चा धन शरीर और मन की समृद्धि में है।
Read Moreबस्तर में 210 नक्सलियों ने “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के तहत आत्मसमर्पण कर लोकतंत्र और संविधान को अपनाया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा— यह बस्तर में शांति, विश्वास और विकास के नए युग की शुरुआत है।
Read Moreबस्तर में राज्य शासन की नक्सल उन्मूलन नीति को ऐतिहासिक सफलता मिली। ‘पूना मारगेम’ कार्यक्रम के तहत 210 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया।
Read Moreरमा एकादशी व्रत कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। यह विष्णु और लक्ष्मी की संयुक्त उपासना का पर्व है, जो श्रद्धा, संयम और आत्मशुद्धि का संदेश देता है। इस दिन व्रत, कथा, दान और भक्ति से पापों का नाश होता है तथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
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