Author: News Editor

futuredइतिहास

सती प्रथा : भारतीय परंपरा का सत्य या भारत की विकृत छवि गढ़ने का प्रचार?

क्या सती प्रथा वास्तव में भारतीय संस्कृति की मूल पहचान थी? ऋग्वेद के “जीवलोक” मंत्र, वैदिक दृष्टि, औपनिवेशिक इतिहास लेखन और भारतीय सभ्यता में स्त्री की भूमिका के संदर्भ में इस विमर्श का संतुलित विश्लेषण।

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ताजा खबरें

हेले लेंग : भारत विरोध का नया चेहरा, पुरानी टूलकिट

नॉर्वे में हेले लेंग विवाद, भारत विरोधी वैश्विक नैरेटिव, राहुल गांधी की प्रतिक्रिया और पश्चिमी मीडिया की कथित टूलकिट राजनीति पर आधारित विश्लेषणात्मक लेख।

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futuredविश्व वार्ता

क्या मधुमक्खियों के बिना बच पाएगी मानव सभ्यता?

विश्व मधुमक्खी दिवस पर आधारित यह आलेख मधुमक्खियों के पारिस्थितिक, कृषि, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक महत्व को रेखांकित करता है। जानिए कैसे यह नन्हा जीव जैव विविधता, खाद्य सुरक्षा और मानव सभ्यता के अस्तित्व की आधारशिला बना हुआ है।

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futuredलोक-संस्कृति

रमतूला की गूंज में बसती है बुंदेलखंड की सांस्कृतिक आत्मा

रमतूला बुंदेलखंड का पारंपरिक लोक वाद्य है, जो शौर्य, आस्था, विवाह परंपराओं और लोक संस्कृति की पहचान माना जाता है। जानिए इसके इतिहास, संरचना और सांस्कृतिक महत्व की विस्तृत कहानी।

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futuredइतिहास

विरासत का जीवंत विद्यालय हैं संग्रहालय

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर आधारित यह आलेख संग्रहालयों की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक भूमिका को उजागर करता है। जानिए कैसे संग्रहालय मानव सभ्यता, लोक संस्कृति और विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक जीवंत बनाए रखते हैं।

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futuredसमाज

डॉ. हेडगेवार और प.पू. गुरुजी : राष्ट्र-निर्माण एवं हिंदू संगठन का वैचारिक आधार

डॉ. केशवराव हेडगेवार और प.पू. गुरुजी गोलवलकर की राष्ट्र-दृष्टि पर आधारित यह आलेख स्वराज्य, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, संगठन, चरित्र-निर्माण और भारत के वैश्विक नैतिक नेतृत्व की अवधारणा को विस्तार से प्रस्तुत करता है।

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