कार्य का स्वरूप बदल सकता है, लेकिन मूल तत्व नहीं : डॉ. मोहन भागवत
नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि कार्य का स्वरूप समय के साथ बदल सकता है, लेकिन मूल विचार और तत्व नहीं बदलने चाहिए। उन्होंने शाखा को व्यक्ति निर्माण की प्रयोगशाला और स्वयंसेवक निर्माण को आजीवन साधना बताया।
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