भोग से योग की यात्रा का पर्व: योगिनी एकादशी
योगिनी एकादशी केवल उपवास का पर्व नहीं, बल्कि आसक्ति से आत्मसंयम, भूल से प्रायश्चित और भोग से योग की ओर बढ़ने की आध्यात्मिक यात्रा है। जानिए हेममाली की कथा में छिपा जीवन दर्शन।
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Read Moreकाकभुशुण्डि जी की प्रतिमा से जुड़े प्रकरण के बहाने झूठे आरोप, सोशल मीडिया की अफवाह, सार्वजनिक जवाबदेही और सामूहिक आस्था के प्रति सामाजिक दायित्व का विश्लेषण।
Read Moreचौमासा भारतीय लोक संस्कृति में वर्षा ऋतु का जीवंत उत्सव है, जिसमें कृषि, व्रत पर्व, लोकगीत, साहित्य, प्रकृति और सामाजिक जीवन की विविध परंपराएँ एक साथ दिखाई देती हैं।
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Read Moreराम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद की जांच के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या इस मामले को हिंदू आस्था, संघ और भाजपा की विश्वसनीयता पर प्रहार के राजनीतिक औजार में बदला जा रहा है?
Read Moreबागबाहरा में साहित्य संदेस और लोक कलाकार संरक्षण समिति द्वारा आयोजित ‘ग़ज़लों की गूँज’ में महासमुंद जिले के शायरों ने सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं और वर्तमान समय की विसंगतियों को अपनी ग़ज़लों में स्वर दिया।
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