कौन सा है पहला छत्तीसगढ़ी उपन्यास, जिसका है यह शताब्दी वर्ष
छत्तीसगढ़ी के प्रथम उपन्यास ‘हीरू के कहिनी’ के शताब्दी वर्ष पर आधारित यह लेख इसके इतिहास, कथानक और साहित्यिक महत्व को विस्तार से प्रस्तुत करता है।
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Read Moreदेवर्षि नारद को भारतीय परंपरा में केवल एक ऋषि नहीं, बल्कि लोक संचार और संवाद के प्रथम आचार्य के रूप में भी देखा जाता है। देवर्षि नारद के जीवन, कार्य और संस्कृत ग्रंथों में वर्णित उनके संवादों के आधार पर यह शोधपरक आलेख इस प्रश्न का विश्लेषण करता है
Read Moreछत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में किसान आनंदराम सिदार ने धान की खेती छोड़ गेंदा फूल की वैज्ञानिक खेती से 3 लाख रुपये से अधिक आय अर्जित कर मिसाल कायम की।
Read Moreभारत सरकार की स्वदेशी सेल ब्रॉडकास्टिंग सेवा अब मोबाइल पर आपदा चेतावनी भेजेगी। जानिए यह तकनीक कैसे काम करती है और आपात स्थिति में आपकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करती है।
Read Moreदेवर्षि नारद को केवल पौराणिक पात्र ही नहीं, बल्कि लोककल्याण के संवाहक और आदर्श पत्रकार के रूप में समझना आवश्यक है। निष्पक्षता, सत्य और संवाद की उनकी परंपरा आज भी पत्रकारिता के लिए मार्गदर्शक है।
Read Moreउत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने अप्रैल 2026 में महिलाओं की सुरक्षा और निजता सुनिश्चित करने के लिए 9 सूत्रीय कड़े निर्देश जारी किए हैं। ये नियम मुख्य रूप से बुटीक, जिम, योग केंद्र, कोचिंग और शिक्षण संस्थानों में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं।
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