अर्जुनी में हिंदू सम्मेलन व 108 हनुमान चालीसा पाठ, पंच परिवर्तन को जीवन में उतारने का आह्वान
अर्जुनी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के शताब्दी वर्ष के अवसर पर हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति सर्व हिन्दू समाज अर्जुनी मंडल के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में हिंदू सम्मेलन एवं 108 हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संत समाज, सामाजिक प्रतिनिधि, मातृशक्ति, विद्यार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचस्थ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में देवकर साहब (असंग देव कबीर आश्रम, सोनपैरी), महिला वक्ता एवं अध्यक्षता डॉ. वर्णिका शर्मा (अध्यक्ष, राज्य बाल संरक्षण आयोग छत्तीसगढ़; सैन्य मनोवैज्ञानिक) तथा मुख्य वक्ता टोपलाल वर्मा (प्रांत संघ चालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, छत्तीसगढ़) उपस्थित थे। विशेष रूप से शालीन साहू (जिला कार्यवाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बलौदाबाजार) भी मंचासीन रहे।
मुख्य अतिथि देवकर साहब ने कहा कि नैतिकता और सदाचार से ओतप्रोत शैक्षणिक संस्थान के इस पावन परिसर में आयोजित हिंदू सम्मेलन समाज और राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का बोध कराता है। उन्होंने समाज में समरसता पर बल देते हुए कहा कि हिंदू धर्म एक विचारधारा है, जो सभी मत-पंथों का सम्मान करता है। हिंदुत्व की व्यापक व्याख्या करते हुए उन्होंने सामाजिक एकता और सद्भाव को इसकी आत्मा बताया।
डॉ. वर्णिका शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आज समाज अनेक कुरीतियों से घिरा हुआ है, जिन्हें समझकर दूर करने की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से माताओं को संबोधित करते हुए उदाहरण के माध्यम से बताया कि जैसे यात्रा में आवश्यक वस्तुओं की योजना जरूरी होती है, वैसे ही राष्ट्र निर्माण के लिए भी हर दिशा में समझदारी से कार्य करना होगा। उन्होंने बच्चों के मनोविज्ञान को समझने और सही संस्कार देने पर जोर देते हुए कहा कि हिंदुत्व भारत की आत्मा है।
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मुख्य वक्ता टोपलाल वर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में हिंदू संस्कृति अनेक चुनौतियों से जूझ रही है। देश में धर्मांतरण जैसी गतिविधियों में बढ़ोतरी चिंताजनक है, जिसे हिंदू समाज स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शताब्दी वर्ष में प्रतिपादित ‘पंच परिवर्तन’ पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि पंच परिवर्तन में स्वदेशी को अपनाना, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्यबोध और कुटुंब प्रबोधन शामिल हैं। स्वदेशी के अंतर्गत भारतीय वेशभूषा, न्यूनतम विदेशी वस्तुओं का प्रयोग और हिंदू परंपराओं के अनुसार पर्व-त्योहार मनाने की बात कही गई। पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में घरेलू आयोजनों में प्लास्टिक व डिस्पोजेबल के उपयोग से बचने और वृक्षारोपण पर जोर दिया गया। समरसता के अंतर्गत जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर सामाजिक एकता की आवश्यकता बताई गई। कुटुंब प्रबोधन में सप्ताह में कम से कम एक बार पूरे परिवार के साथ बैठकर संवाद करने का आग्रह किया गया। वर्मा ने कहा कि पंच परिवर्तन को हमें व्रत की तरह अपने जीवन में उतारना चाहिए।
कार्यक्रम में गीता डोमन वर्मा (जिला पंचायत सदस्य, सभापति वन मंडल एवं पर्यावरण, बलौदाबाजार), ईशान वैष्णव (जिला पंचायत सदस्य, बलौदाबाजार), डोमन वर्मा (निवर्तमान मंडल अध्यक्ष, बलौदाबाजार; केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य, मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज), रमेश शर्मा (प्राचार्य, सरस्वती शिशु मंदिर अर्जुनी), तुलाराम वर्मा (खंड संघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ), टेसुलाल धुरंधर (शिक्षाविद, अध्यक्ष भारतमाता सेवा ट्रस्ट छत्तीसगढ़), त्रिलोक यादव (जनपद सदस्य प्रतिनिधि), विष्णु साहू (उपसरपंच, अर्जुनी) सहित सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्य-आचार्याएं, दीदी-भैया, बहनें एवं सर्व हिन्दू समाज मंडल अर्जुनी के पदाधिकारी व सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
