नवरात्रि कल से : मनोकामनाओं से जगमगाने मंदिर तैयार
अर्जुनी। अंचल समेत रविवार से शुरू होने वाली चैत्र नवरात्रि की तैयारियां जोरों पर हैं। नवरात्रि से पहले प्रमुख देवी मंदिरों में साफ-सफाई, रंग रोगन और विशेष पूजा की तैयारियां की जा रही है। इस दौरान ज्योति कलशों की भी स्थापना होगी। इसकी भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
बता दें कि 30 मार्च को चैत्र नवरात्रि के साथ हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत हो रही है। इसे लेकर विभिन्न हिंदू धर्म से जुड़े संगठनों और समितियों द्वारा तैयारियां तेज हो गई हैं। नवरात्रि से पहले दिन देवी पूजा स्थल की सफाई विशेष रूप से की जा रही है।
जिनमे अर्जुनी के प्रमुख देवी मंदिर जैसे शक्ति पीठ महामाया माता मंदिर मावली चौक गायत्री माता इंदिरा कॉलोनी मंदिर, काली माता मंदिर, लोहिया नगर माता मंदिर काली मंदिर पारा शीतला माता मंदिर बजरंग चौक शारदा माता मंदिर शारदा चौक , दुर्गा माता मंदिर, मावली माता मंदिर, कंकाली माता मंदिर, स्थित देवी मंदिरों में रंग रोगन जारी है।
वंही अंचल के टोनाटार,नवागांव,खैरताल, मिरगी,टोपा,गोढ़ी टी जैसे गांव के शक्ति पीठों में भी नवरात्र आगमन की तैयारी जोरों पर है।बता दें कि चैत्र नवरात्रि के दौरान माता के विभिन्न रूपों की पूजा होती है। इन मंदिरों में नौ दिनों तक भजन पूजन, माता के जसगीत और ज्योति कलश की स्थापना की जाती है।
इस बार नवरात्रि रविवार से शुरू हो रही है। शास्त्रों के अनुसार ऐसे संयोग में माता हाथी पर सवार होकर आती हैं। माना जाता है कि हाथी पर सवार माता का आगमन बहुत शुभ होता है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य शुरू करना फलदायी रहेगा
इन बातों का रखें ध्यान…
चैत्र नवरात्रि के दौरान साफ सफाई का ध्यान रखें। दुर्गा शप्तसती का पाठ भी शुभ माना जाता है। अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन के बाद उपवास खोलें। ये 9 दिन विभिन्न पूजा विधियों के साथ खरीदारी और अन्य शुभ कार्यों के लिए भी शुभ होंगे। खास तौर पर वाहन, भूमि और सोने की खरीदारी शुभ रहेगी। बता देें कि 6 अप्रैल को रामनवमी के साथ नवरात्रि का समापन होगा।
नवरात्रि में 9 दिन देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन माता चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्माण्डा माता, पांचवे दिन स्कंदमाता, छठे दिन माता कात्यायनी, सातवें दिन माता कालरात्रि, अष्टमी के दिन माता महागौरी और नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है।
रूपेश वर्मा,अर्जुनी