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संघर्ष से उभरती प्रतिभा: अबूझमाड़ का रामकृष्ण मिशन आश्रम बना फुटबॉल खिलाड़ियों की नई पहचान

छत्तीसगढ़ के सुदूर और कभी संघर्षग्रस्त रहे अबूझमाड़ क्षेत्र से अब खेल प्रतिभाओं की नई कहानी सामने आ रही है। नारायणपुर जिले में स्थित रामकृष्ण मिशन विवेकानंद आश्रम आज फुटबॉल खिलाड़ियों की एक मजबूत नर्सरी के रूप में उभर रहा है, जिसका असर ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ में साफ देखने को मिल रहा है।

इस प्रतिष्ठित आयोजन में छत्तीसगढ़ की पुरुष और महिला फुटबॉल टीमों में बड़ी संख्या में ऐसे खिलाड़ी शामिल हैं, जिन्होंने इसी आश्रम में प्रशिक्षण प्राप्त किया है। जानकारी के अनुसार, दोनों टीमों में एक दर्जन से अधिक खिलाड़ी इसी संस्थान से जुड़े हैं। महिला टीम जहां फाइनल तक पहुंच चुकी है, वहीं पुरुष टीम ने भी सेमीफाइनल में जगह बनाई है।

छत्तीसगढ़ फुटबॉल संघ से जुड़े पदाधिकारियों के मुताबिक, आश्रम में वर्षों से खेल और शिक्षा को साथ लेकर चलने की परंपरा रही है। घने जंगलों और दूरदराज के आदिवासी इलाकों से आने वाले बच्चों को यहां न सिर्फ मुफ्त शिक्षा दी जाती है, बल्कि खेलों में भी उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

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करीब 1986 में स्थापित यह आश्रम आज 2700 से अधिक बच्चों के लिए एक सुरक्षित और प्रेरणादायक परिसर बन चुका है। यहां कक्षा 1 से 12 तक के छात्र शिक्षा के साथ-साथ खेल, संगीत और अन्य गतिविधियों में भी हिस्सा लेते हैं। हर साल 50 से 60 छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।

आश्रम में खेल सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। यहां तीन फुटबॉल मैदान, जिनमें एक आधुनिक एस्ट्रो-टर्फ भी शामिल है, के साथ-साथ बैडमिंटन, टेबल टेनिस, खो-खो और मल्लखंभ जैसे खेलों के लिए भी उत्कृष्ट व्यवस्था है।

विशेषज्ञों का मानना है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले बच्चों के जीवन में खेल ने सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है। यही कारण है कि यहां के कई छात्र आज देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में पढ़ाई कर रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं।

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आश्रम की फुटबॉल अकादमी को तब और पहचान मिली, जब यह राज्य का पहला क्लब बना जिसने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन द्वारा आयोजित अंडर-17 यूथ कप और आई-लीग 2 जैसे राष्ट्रीय टूर्नामेंट में भागीदारी की।

अबूझमाड़ का यह आश्रम न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह उन युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बन चुका है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं।