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रायपुर में पेंशनर्स महासंघ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा संपन्न

रायपुर, 19 फरवरी 2026/ भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश की जिला इकाई रायपुर के तत्वावधान में 18 फरवरी को वरिष्ठ पेंशनरों के लिए धार्मिक, पुरातात्विक और सामाजिक यात्रा का सफल आयोजन किया गया। इस यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का अनुभव किया।

यात्रा की शुरुआत सोमनाथ शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजन से हुई। पेंशनर्स साथियों ने प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा पेंशनर्स समाज के कल्याण की कामना की। इसके बाद दल कबीर पंथ के प्रमुख केंद्र दामाखेड़ा (कबीरधाम) पहुंचा, जहां संत परंपरा के संदेश—सत्य, समरसता और मानवता—पर चिंतन किया गया।

यात्रा का प्रमुख आकर्षण मदकू द्वीप का भ्रमण रहा। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण इस स्थल के हरिहर क्षेत्र आश्रम में संत रामरूप दास से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उन्होंने जीवन के उत्तरार्ध में संयम, सेवा, सकारात्मक चिंतन और समाजहित में सक्रिय रहने का संदेश दिया। संत रामरूप दास ने बताया कि मदकू द्वीप का नाम मंडूक ऋषि के नाम पर आधारित है और उनके ग्रंथों में सत्यमेव जयते वाक्य का उल्लेख मिलता है, जो छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण संदर्भ है।

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यात्रा के अंतिम चरण में दल ने ताला ग्राम स्थित भगवान शिव के रुद्रावतार के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्वरूप के दर्शन किए। वहां भारतीय संस्कृति की प्राचीन स्थापत्य परंपरा का अवलोकन कर सभी ने गौरव का अनुभव किया।

इस धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा में सहभागी पेंशनर्स में वीरेन्द्र नामदेव, अनिल गोल्हानी, लोचन पांडेय, एम. एन. पाठक, आर. के. टंडन, बी. एस. दसमेर, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, आर. जी. बोहरे, ओ. डी. शर्मा, टी. एल. चंद्राकर, आर. के. नारद, एच. के. चंद्राकर, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, नरसिंग राम, आर. के. दीक्षित, अनिल तिवारी, मालिक राम वर्मा, कौशलेंद्र मिश्रा, राम खिलावन साहू और कैलाश राव सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

यात्रा ने वरिष्ठ पेंशनरों के बीच आत्मीयता, संगठनात्मक एकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। प्रतिभागियों ने इसे प्रेरणादायी और स्मरणीय बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता जताई। महासंघ ने सभी सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन आगे भी धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को सक्रिय, जागरूक और संगठित रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

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