अनुकंपा नियुक्त लिपिकों की वेतन वसूली और कौशल परीक्षा पर संघ की बैठक, सरकार से पुनर्विचार की मांग
रायपुर, 15 फरवरी 2026। अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त लिपिकों की विभिन्न समस्याओं पर विचार करने के लिए 14 फरवरी को छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ, रायपुर जिला इकाई की बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष जवाहर यादव ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि बैठक में प्रदेश भर से बड़ी संख्या में अनुकंपा नियुक्त लिपिक शामिल हुए और उनकी समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य रूप से वेतन वृद्धि प्रकरणों में कोष, लेखा एवं पेंशन कार्यालय द्वारा की जा रही वसूली तथा वर्ष 2024 से शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन परिषद द्वारा आयोजित की जा रही कौशल परीक्षा के मुद्दे उठाए गए।
जवाहर यादव ने बताया कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा जारी अनुकंपा नियुक्ति आदेशों में काफी भिन्नता देखी जाती है। एक ही नियोक्ता द्वारा छह माह के भीतर जारी आदेशों में भी अंतर पाया गया है। इसी भिन्नता के आधार पर वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) लगाए जाने के बाद अधिक भुगतान मानकर कोष, लेखा एवं पेंशन विभाग द्वारा राशि की वसूली की जा रही है। बैठक में उपस्थित लिपिकों ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में लोकहित और सहानुभूति के आधार पर विचार किया जाना चाहिए तथा वसूली प्रक्रिया को शिथिल किया जाना चाहिए।
बैठक में यह भी बताया गया कि कई विभाग नियुक्ति आदेश जारी करने के बाद समय पर कौशल परीक्षा आयोजित नहीं करते, जिसके कारण संबंधित कर्मचारी वेतन वृद्धि और अन्य आर्थिक लाभ से वंचित रह जाते हैं। शासन द्वारा राजपत्र में शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन परिषद को कौशल परीक्षा आयोजित करने का एकमात्र विकल्प घोषित किया गया है। इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग संघ ने की है।
संघ की ओर से सुझाव दिया गया कि परिषद द्वारा परीक्षा आयोजित करने के साथ-साथ पूर्व की व्यवस्था की तरह प्रत्येक नियोक्ता को भी अपने अधीन नियुक्त कर्मचारियों के लिए समय-समय पर कौशल परीक्षा आयोजित करने का अधिकार दिया जाए, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारियों को समय पर वेतन वृद्धि का लाभ मिल सके।
बैठक में अमितेष तिवारी, राजकुमार साहू, विभोर चतुर्वेदी, निशा जायसवाल, हनी पांडेय, सोनू शर्मा, दीपक तिवारी, अभिषेक नेताम, लोकेश टेंभरे, रमाकान्त मरकाम, मनोजीत राय, गजेंद्र कुमार, राहुल साहू, लोकनारायण सहित अनेक लिपिक उपस्थित रहे।
