कर्नाटक में सियासी असहजता: भाजपा नेता को दी गई कैबिनेट रैंक वापस, सरकार पर उठे सवाल
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब भाजपा से जुड़े एक नेता को दी गई कैबिनेट रैंक कुछ ही दिनों में वापस लेनी पड़ी। यह फैसला राजनीतिक विवाद बढ़ने के बाद संशोधित आदेश जारी कर किया गया।
शिवमोग्गा जिले के भाजपा नेता बीडी भूकांत का नाम 7 फरवरी को जारी सरकारी आदेश में शामिल था। राज्य सरकार ने विभिन्न बोर्ड और निगमों में कुल 54 लोगों की नियुक्ति की थी और इन सभी को कैबिनेट दर्जा प्रदान किया गया था। बताया जा रहा है कि यह कदम विभिन्न क्षेत्रों के पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को जिम्मेदारी देने के उद्देश्य से उठाया गया था।
हालांकि, भूकांत की नियुक्ति पर जल्द ही सवाल उठने लगे। स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य नेतृत्व को अवगत कराया कि भूकांत भाजपा से जुड़े हैं और उनकी पत्नी शिवमोग्गा जिला पंचायत में भाजपा समर्थित सदस्य हैं। इसे गंभीर चूक बताते हुए नियुक्ति पर पुनर्विचार की मांग की गई।
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को संशोधित अधिसूचना जारी कर भूकांत को दी गई कैबिनेट रैंक वापस लेने की जानकारी दी। नए आदेश में स्पष्ट किया गया कि पूर्व निर्णय में बदलाव किया गया है।
इस मुद्दे पर विपक्षी भाजपा ने सरकार को घेरने का प्रयास किया। भाजपा एमएलसी एन. रविकुमार ने आरोप लगाया कि बिना निर्वाचित प्रतिनिधित्व वाले व्यक्तियों को भी कैबिनेट दर्जा दिया जा रहा है, जिससे सरकारी खर्च बढ़ेगा और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े होंगे।
वहीं कांग्रेस नेतृत्व ने अपने व्यापक फैसले का बचाव किया है। केपीसीसी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस को सत्ता में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उन्हें शासन व्यवस्था में जिम्मेदारी देना उचित है।
यह पूरा घटनाक्रम राज्य में राजनीतिक नियुक्तियों और बोर्ड-निगमों के पदाधिकारियों को कैबिनेट दर्जा देने की परंपरा को लेकर नई बहस को जन्म दे रहा है।

