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रक्षा अधिग्रहण परिषद की बड़ी मंजूरी: 114 राफेल लड़ाकू विमान सहित कई अहम सैन्य खरीद प्रस्तावों को हरी झंडी

देश की सैन्य ताकत को और मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में सशस्त्र बलों के लिए कई महत्वपूर्ण खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे अहम प्रस्ताव फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने से जुड़ा है।

रक्षा अधिग्रहण परिषद, सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए बड़े पूंजीगत रक्षा सौदों पर अंतिम निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है। परिषद की यह मंजूरी लंबे समय से लंबित सैन्य आधुनिकीकरण योजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, परिषद ने अमेरिकी मूल के छह अतिरिक्त पी-8आई समुद्री निगरानी विमान खरीदने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी है। ये विमान लंबी दूरी की समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी अभियान और खुफिया जानकारी जुटाने में सक्षम हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच इन विमानों से भारतीय नौसेना की क्षमता में उल्लेखनीय इजाफा होगा।

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जहां तक राफेल विमानों का सवाल है, भारतीय वायुसेना के बेड़े में पहले से शामिल राफेल अपनी अत्याधुनिक तकनीक, उन्नत एवियोनिक्स और मल्टीरोल क्षमता के लिए जाने जाते हैं। वायुसेना के स्क्वाड्रन की संख्या स्वीकृत स्तर से कम होने के मद्देनजर 114 नए विमानों की संभावित खरीद को वायु शक्ति बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, यह मंजूरी अभी प्रारंभिक चरण है। आगे विस्तृत वार्ताएं, लागत मूल्यांकन, तकनीकी आकलन और अनुबंध संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

सरकार के इस कदम को बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य के बीच सैन्य आधुनिकीकरण और रणनीतिक क्षमता सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।