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रायगढ़ में टीचर्स एसोसिएशन का ज्ञापन, पेंशन सुधार और शिक्षकों के स्वत्व भुगतान की प्रमुख मांगें उठीं

रायगढ़, 30 जनवरी 2026/ छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन (पं.क्र. 72763) के प्रांतीय अभियान के अंतर्गत प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा और प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी (बिलासपुर संभाग प्रभारी) के मार्गदर्शन में टीचर्स एसोसिएशन रायगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर रायगढ़ मयंक चतुर्वेदी (आईएएस) एवं जिला शिक्षा अधिकारी के. वेंकट राव से भेंट कर विभिन्न शिक्षक समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

यह ज्ञापन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव विकासशील, शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेसी तथा संचालक लोक शिक्षण संचालनालय ऋतुराज रघुवंशी के नाम सौंपा गया।

ज्ञापन के प्रमुख बिंदु

ज्ञापन में मांग की गई कि केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड सरकार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी पेंशन निर्धारण हेतु 33 वर्ष की अर्हकारी सेवा के स्थान पर 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण होने पर 50 प्रतिशत पेंशन का प्रावधान किया जाए। वर्तमान में न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण के कारण एलबी संवर्ग के अनेक शिक्षक बिना पेंशन के सेवानिवृत्त हो रहे हैं, इसलिए न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण का प्रावधान किया जाए।

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तीस हजार से अधिक सहायक शिक्षक पदोन्नति एवं क्रमोन्नति से वंचित हैं। पदोन्नति हेतु वन-टाइम रिलैक्सेशन की तर्ज पर क्रमोन्नति के लिए 10 वर्ष की सेवा अवधि को शिथिल करते हुए 5 वर्ष में क्रमोन्नति का लाभ देने की मांग की गई।

छत्तीसगढ़ राजपत्र शिक्षक संवर्ग भर्ती तथा सेवा शर्त नियम (17 अगस्त 2012) के तहत लागू शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता को इसके पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए समाप्त करने की मांग की गई। साथ ही, 1 सितंबर 2012 को पारित सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के संबंध में हस्तक्षेप अथवा पुनर्विचार याचिका दायर कर शिक्षा विभाग की विभागीय सीमित परीक्षा आयोजित कर सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा किए जाने का आग्रह किया गया।

केवल डी.एड. अथवा समकक्ष योग्यता रखने वाले सहायक शिक्षकों के लिए एनसीटीई के नियमानुसार 6 माह का बीएड ब्रिज कोर्स शीघ्र प्रारंभ करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विषयवार पदोन्नति, मोबाइल वीएसके ऐप के स्थान पर स्कूलों में बायोमेट्रिक पंच मशीन से उपस्थिति दर्ज करने तथा उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा 23 जनवरी 2026 को पारित आदेश के अनुसार पेंशन हेतु पूर्व सेवा की गणना कर पेंशन निर्धारण के आदेश जारी करने की मांग की गई।

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प्रधान पाठक पदोन्नति पर आश्वासन

प्रधान पाठक प्राथमिक शाला के रिक्त पदों पर पदोन्नति आदेश जारी करने के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी के. वेंकट राव ने बताया कि डीपीसी की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और 2 फरवरी 2026 को पदोन्नति आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

सेवानिवृत्त शिक्षकों के स्वत्व भुगतान की मांग

रायगढ़ जिले में 1 जुलाई 2018 के पश्चात निधन अथवा सेवानिवृत्त हुए एलबी संवर्ग शिक्षकों के स्वत्वों की जानकारी सभी डीडीओ (प्राचार्य एवं बीईओ) से एकत्र कर 31 मार्च 2026 तक भुगतान सुनिश्चित करने की मांग कलेक्टर रायगढ़ से की गई। कलेक्टर से इस विषय को टीएल बैठक के एजेंडा में शामिल करने का आग्रह भी किया गया। साथ ही परीक्षा अनुमति, अर्जित अवकाश, चिकित्सा अवकाश एवं संतान पालन अवकाश की स्वीकृति समय पर करने की मांग रखी गई।

शून्य पेंशन पर सेवानिवृत्त हुई विजय शारदा साव का मामला

शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पंडरीपानी पूर्व में पदस्थ रही विजय शारदा साव 31 जनवरी 2026 को शून्य पेंशन पर सेवानिवृत्त हुईं। संविलियन के पश्चात 10 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण नहीं होने के कारण डीईओ कार्यालय द्वारा उन्हें शून्य पेंशन की जानकारी दी गई। वर्ष 2002 से 2026 तक 24 वर्षों की दीर्घ शिक्षकीय सेवा के बावजूद उन्हें पेंशन से वंचित होना पड़ा।

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अब तक डीडीओ रायगढ़ द्वारा सेवा पुस्तिका संधारण, अवकाश लेखा, सेवा सत्यापन, अवकाश नकदीकरण, ग्रेच्युटी, समूह बीमा तथा सीजीपीएफ राशि की गणना नहीं की गई है, जबकि शासन द्वारा सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों की सूची छह माह पूर्व जारी की जाती है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पेंशन हेतु पूर्व सेवा की गणना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप है। पेंशन एक कल्याणकारी योजना और सेवाओं के बदले दिया जाने वाला स्थगित पारिश्रमिक है, इसलिए संविलियन पूर्व की सेवाओं की अनदेखी नहीं की जा सकती।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्य

प्रतिनिधिमंडल में वेद प्रकाश तिवारी, सपना दुबे, बिनेश भगत, नेतराम साहू, नोहर सिंह सिदार, सच्चिदानंद पुरसेठ, बद्री प्रसाद जायसवाल, संतोष कुमार पटेल, विजय शारदा साव, अंजनी मिश्रा, मालती देवांगन, अदिता सरकार, रश्मि नायक, उषा सिंह ठाकुर, रितु साहू, वंदना किंडो, मथुरा देवहारी, पालूराम सिदार, रामदीन गुप्ता एवं टीकाराम सिदार शामिल रहे।