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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया रिकॉर्ड 9वां बजट, विकास और सुधारों पर जोर

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए इतिहास रच दिया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो किसी भी केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा पेश किए गए सबसे अधिक बजट का रिकॉर्ड है। करीब 83 मिनट के भाषण में उन्होंने सरकार की आर्थिक सोच, सुधारों और भविष्य की विकास रणनीति को स्पष्ट किया।

वित्त मंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत की आर्थिक यात्रा स्थिरता, वित्तीय अनुशासन, निरंतर विकास और नियंत्रित महंगाई से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और संकटों के दौर में भी सरकार ने राष्ट्रहित में सोच-समझकर फैसले लिए, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।

सुधारों को प्राथमिकता, आत्मनिर्भर भारत पर जोर

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने के बाद नारों के बजाय सुधारों को चुना। आत्मनिर्भर भारत को केंद्र में रखते हुए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता, ऊर्जा सुरक्षा और आयात पर निर्भरता कम की गई। इन प्रयासों से देश को लगभग 7 प्रतिशत की उच्च विकास दर हासिल हुई और करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद मिली।

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बजट 2026 के तीन ‘कर्तव्य’

वित्त मंत्री ने बताया कि बजट 2026 तीन प्रमुख ‘कर्तव्यों’ पर आधारित है—

  1. वैश्विक अस्थिरता के बीच प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर आर्थिक विकास को तेज करना

  2. लोगों की क्षमताओं का विकास कर उन्हें भारत की प्रगति का सहभागी बनाना

  3. ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत को ज़मीनी स्तर तक लागू करना

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई ताकत

सरकार ने आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों में हस्तक्षेप का ऐलान किया, जिनमें 7 रणनीतिक क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार, पारंपरिक उद्योगों का पुनरुद्धार, चैंपियन MSMEs का निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देना शामिल है।

  • बायोफार्मा शक्ति योजना के तहत अगले 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ का निवेश कर भारत को वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का लक्ष्य

  • सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0, जिसमें उपकरण, सामग्री और डिजाइन को भी शामिल किया जाएगा

  • इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का विस्तार कर ₹40,000 करोड़ का प्रावधान

इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर बड़ा दांव

FY27 में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव है।

  • 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को “ग्रोथ कनेक्टर्स” के रूप में विकसित किया जाएगा, जिनमें मुंबई-पुणे, हैदराबाद-बेंगलुरु और दिल्ली-वाराणसी जैसे रूट शामिल हैं

  • टियर-2 और टियर-3 शहरों में बुनियादी ढांचे के विकास को जारी रखा जाएगा

  • लॉजिस्टिक्स लागत घटाने के लिए 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग

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MSME और रोजगार सृजन पर जोर

MSME सेक्टर को मजबूती देने के लिए ‘चैंपियन MSME’ दृष्टिकोण अपनाया गया है।

  • ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड

  • छोटे कारोबारियों की मदद के लिए ‘कॉरपोरेट मित्र’ प्रणाली

  • TReDS प्लेटफॉर्म का विस्तार, CPSEs की अनिवार्य भागीदारी

कृषि और ग्रामीण भारत में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

किसानों के लिए भारत-विस्टार (Bharat VISTAAR) नामक बहुभाषी AI टूल लॉन्च किया जाएगा, जो मौसम, कीट और खेती से जुड़ी सलाह देगा।

  • काजू, कोको, अखरोट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा

  • तटीय राज्यों के लिए नारियल प्रोत्साहन योजना

  • EEZ और हाई-सीज में पकड़ी गई मछली को पूरी तरह ड्यूटी फ्री किया गया

टैक्सपेयर्स को राहत, कानूनों में सरलीकरण

  • ITR संशोधन की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ी

  • छोटे कर अपराधों में जेल की जगह जुर्माना

  • इन-काइंड भुगतान पर TDS और बहीखाते न दिखाने को अपराध की श्रेणी से बाहर

  • ₹20 लाख तक की विदेशी चल संपत्ति के गैर-घोषणा मामलों में पिछली तारीख से इम्युनिटी

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पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत पर विशेष ध्यान

‘मिशन पूर्वोदय’ के तहत पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों के विकास को गति दी जाएगी।

  • ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

  • पांच पर्यटन स्थल, 4,000 ई-बसें

  • बौद्ध सर्किट का विकास

  • पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना का प्रस्ताव

वित्तीय स्थिति

वित्त मंत्री के अनुसार—

  • FY27 में राजकोषीय घाटा 4.4%

  • FY2027 में इसे घटाकर 4.3% करने का लक्ष्य

कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और समावेशी विकास के जरिए भारत को दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती देने का स्पष्ट रोडमैप पेश किया है।